पटना:
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का प्रचार थम चुका है, लेकिन उम्मीदवारों की चिंताएं अभी भी खत्म नहीं हुई हैं. अब जब प्रचार का शोर थम गया है, तो कई प्रत्याशी जनता के साथ-साथ ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति पर भी भरोसा जता रहे हैं. राज्यभर में प्रत्याशी ज्योतिषाचार्यों की शरण में जाकर अपनी कुंडली में ‘राजयोग’ की तलाश कर रहे हैं. भारतीय राजनीति और आस्था का यह संगम अब चुनावी रणनीति का हिस्सा बन चुका है, जहां प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए ज्योतिषीय उपाय अपना रहे हैं.कई प्रत्याशी कर रहे हैं संपर्क
ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि चुनाव के दौरान कई प्रत्याशी संपर्क कर रहे हैं. वे अपनी कुंडली में ग्रहों की महादशा, अंतरदशा व प्रत्यंतर दशा के अनुसार जीत की संभावना व उपाय जानना चाहते हैं. उम्मीदवारों को न केवल ग्रह-गोचर के अनुसार पूजा-पाठ के सुझाव दिये जा रहे हैं, बल्कि प्रचार के समय पहनने वाले कपड़े का रंग, यात्रा की दिशा और वाहन की संख्या तक ज्योतिषीय गणना से तय की जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
