Health News: बिहार में मृत्यु दर में गिरावट: स्वास्थ मंत्री ने कहा- यह राज्य सरकार की स्वास्थ्य सेवा सुधारों का परिणाम

Health News: स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि एसआरएस 2025 के नए आंकड़ों के अनुसार राज्य में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में 18 अंकों की ऐतिहासिक गिरावट आई है. साल 2021 में जहां एमएमआर 118 थी, वहीं 2025 की रिपोर्ट के अनुसार यह घटकर 100 हो गई है.

Health News: स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि एसआरएस 2025 के नए आंकड़ों के अनुसार राज्य में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में 18 अंकों की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है. यह जानकारी उन्होंने गुरुवार को दी. साल 2021 में जहां एमएमआर 118 थी, वहीं 2025 की रिपोर्ट के अनुसार यह घटकर 100 हो गई है. मंत्री पांडेय ने कहा कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और राज्य की डबल इंजन सरकार की स्वास्थ्य सेवा सुधारों का परिणाम है. देश का औसत जहां 103 से घटकर 93 हुआ है. वहीं बिहार में यह 118 से 100 पर आ गया. यह लगभग 24 प्रतिशत की गिरावट है.

शिशु मृत्यु दर में भी सुधार

शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में भी पहले से काफी सुधार हुआ है. अब यह राष्ट्रीय औसत के बराबर है. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों, अधिकारियों, और जमीनी स्तर पर काम कर रही आशा कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण ने इस सुधार को संभव बनाया है. उन्होंने फिर कहा कि कोविड 19 महामारी के कठिन दौर में भी राज्य सरकार ने मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर खास ध्यान दिया है. लॉकडाउन और संसाधनों की कमी के बावजूद, टेलीमेडिसिन के माध्यम से सेवाएं पहुंचाई गईं. ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम और नर्सों की सक्रिय भूमिका रही है.

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2025 में एमएमआर में आई गिरावट

मंत्री ने बताया कि 2005 में राज्य की मातृ मृत्यु दर 374 प्रति एक लाख जीवित जन्म थी. यह देश में सबसे अधिक में से एक थी. उस समय स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बहुत ज्यादा खराब थी. गांवों में सुरक्षित प्रसव की सुविधा कम होने के कारण माताओं की जान पर संकट मंडराता था. पिछले दो दशकों में लगातार सुधारों के कारण बिहार स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एमएमआर 94 से बढ़कर 109 हो गई है, जबकि बिहार में गिरावट आई है. इससे साफ है कि बिहार की स्वास्थ्य प्रणाली में लगातार प्रगति हो रही है.

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By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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