पटना वीमेंस कॉलेज-ओजस्विनी 2026 में अतिथियों का हुआ सम्मान

पटना वीमेंस कॉलेज ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व वी–पीडब्ल्यूसी जेंडर सेल के सहयोग से अपने वार्षिक उत्सव ओजस्विनी 2026 का आयोजन किया

संवाददाता, पटना पटना वीमेंस कॉलेज ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व वी–पीडब्ल्यूसी जेंडर सेल के सहयोग से अपने वार्षिक उत्सव ओजस्विनी 2026 का आयोजन किया. इस वर्ष का थीम जेंडर इनक्लूसिविटी (लैंगिक समावेशिता) रखा गया. कार्यक्रम की शुरुआत रंग-बिरंगे गुब्बारों को उड़ाकर किया गया. समारोह की विशिष्ट अतिथियों में सामाजिक कार्यकर्ता सिस्टर ज्योति एसएमएमआइ, प्रख्यात लोकगायिका लक्ष्मी प्रसाद यादव और दोस्ताना सफर संगठन की अंजलि तिवारी शामिल थीं. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत एक भक्तिपूर्ण प्रार्थना-नृत्य और कॉलेज के गायन समूह द्वारा प्रस्तुत मधुर गीतों से हुई, जिसमें नारी शक्ति और आत्मविश्वास का जयघोष किया गया. इस अवसर पर सावित्रीबाई : शिक्षा की ज्योति शीर्षक से एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति दी गयी. इस नाटक ने महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्षों और बालिकाओं की शिक्षा के लिए उनके ऐतिहासिक योगदान को जीवंत कर दिया. आयोजन का एक मुख्य आकर्षण साहस पुरस्कार समारोह रहा, जो हर वर्ष पटना महिला महाविद्यालय पूर्व छात्रा संघ द्वारा आयोजित किया जाता है. इस वर्ष सिस्टर ज्योति एसएमएमआइ, लक्ष्मी प्रसाद यादव और अंजलि तिवारी को समाज के सशक्तीकरण में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया. सिस्टर ज्योति को डॉ सिस्टर जिंसी एसी ने, श्री लक्ष्मी प्रसाद यादव को डॉ सिस्टर सेलीन क्रास्ता एसी ने और अंजलि तिवारी को डॉ अमिता जायसवाल ने सम्मानित किया. सिस्टर ज्योति ने जमीनी स्तर के कार्यों पर प्रकाश डाला, वहीं लक्ष्मी प्रसाद यादव ने लोक कला की यात्रा साझा की. अंजलि तिवारी ने एक ट्रांसवुमन के रूप में अपने जीवन के उतार-चढ़ाव साझा कर सबको प्रेरित किया. कार्यक्रम का समापन एथनिक डे सेलिब्रेशन और एक भव्य रैंप वॉक के साथ हुआ. ओजस्विनी 2026 वास्तव में महिलाओं की शक्ति और एक समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हुआ.

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By JUHI SMITA

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