जल-जीवन-हरियाली से बढ़ी िग्रनरी, सुधरा वाटर लेवल

राज्य में पर्यावरण सुरक्षा को लेकर जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत एक साथ जल, जमीन और जंगल को बेहतर करने की योजनाओं पर काम हो रहा है.

कृष्ण कुमार, पटना राज्य में पर्यावरण सुरक्षा को लेकर जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत एक साथ जल, जमीन और जंगल को बेहतर करने की योजनाओं पर काम हो रहा है. इसके तहत सूखते वेट लैंड्स को बेहतर करने के साथ ही हरियाली बढ़ाने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में पांच करोड़ पौधारोपण के लक्ष्य पर काम हो रहा है. नदी जोड़ योजनाओं से छोटी नदियों को बचाने सहित प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए कई उपाय किये गये हैं. जैव विविधता संरक्षण के तहत पुराने पेड़ों को जीवित रखने, ग्राउंड वाटर लेवल बढ़ाने के उपायों पर भी पहल की गई है. वहीं सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम हो रहा है. रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जल संरक्षण की पहल की गयी है. सूत्रों अनुसार राज्य में जल-जीवन-हरियाली अभियान 2019 में लागू होने के बाद से ग्राउंड वाटर लेवल में सुधार होने लगा है. करीब 101 क्रिटिकल जोन में जा चुके प्रखंडों में से अधिकतर इस जोन से बाहर निकल चुके हैं. 2011 में हरियाली मिशन के तहत अभियान के तहत पौधारोपण की शुरुआत होने से करीब सात फीसदी हरित आवरण में बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. 18 नवंबर, 2000 को झारखंड से अलग होने के बाद बिहार का हरित आवरण नौ प्रतिशत से भी कम रह गया था. 2011 में हरियाली मिशन का शुभारंभ कर सरकार ने 24 करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया था. 16% हरित आवरण हो चुका है और 17% प्राप्त करने का लक्ष्य है. वेटलैंड्स हो रहे विकसित: राज्य के 25 जिलों में 100 हेक्टेयर से बड़े 133 वेटलैंड्स हैं. बिहार के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के 4.4% हिस्से में वेटलैंड्स हैं. इनका क्षेत्रफल 4,03,209 हेक्टेयर और इनकी संख्या 21,998 है. इन सभी वेटलैंड्स को बेहतर बनाने की चरणबद्ध तरीके से तैयारी है. फिलहाल तीन वेटलैंड को रामसर साइट घोषित किया गया है. इनमें बेगूसराय जिले में काबरताल, जमुई में नागी बर्ड सेंचुरी सहित जमुई में ही नकटी बर्ड सेंचुरी शामिल हैं. सौर ऊर्जा में बढ़ोतरी की तैयारी : जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा निजी भवनों के छतों पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाया जा रहा है. इसके लिए केंद्रीय अनुदान के अतिरिक्त बिहार सरकार भी 25% अनुदान राशि दे रही है. ग्रिड कनेक्टेड रुफटॉप सोलर पैनल में करीब 643 घरों पर 2.06 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर पैनल लग चुका है. इसके अंतर्गत दो और तीन हॉर्स पावर के कुल 2771 सोलर वाटर पंप लग चुके हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल से जल-जीवन-हरियाली अभियान लागू होने के बाद पर्यावरण संरक्षण को लेकर हर स्तर पर काम हो रहा है. इसमें सभी विभागों को जिम्मेदारी दी गयी है. पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा हरियाली बढ़ाने के लिए लगातार पौधारोपण किया जा रहा है. लगाये गये पौधों में से उनके जीवित रहने की दर 70 फीसदी से अधिक है. वहीं, करीब आठ हजार जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया गया है. डॉ सुनील कुमार, मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन

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By Rakesh ranjan

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