NSMCH Medical College: नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एनएसएमसीएच), बिहटा में मंगलवार को प्रथम दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया. समारोह में वर्ष 2020 बैच के 87 एमबीबीएस छात्रों को उपाधि, पदक, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए. इस अवसर पर छात्रों को चिकित्सा सेवा की शपथ भी दिलाई गई.
समारोह का उद्घाटन बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, संस्थान के प्रबंध निदेशक कृष्ण मुरारी सिंह, प्राचार्य डॉ. हरिहर दीक्षित, अस्पताल निदेशक डॉ. रंजीत कुमार सिंह, अधीक्षक डॉ. उदय नारायण सिंह और डीन डॉ. संजय कुमार समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
मरीजों का भरोसा बनाए रखना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी : विजय कुमार सिन्हा
मुख्य अतिथि कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने नवस्नातक चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि करोड़ों लोगों की स्वास्थ्य संबंधी उम्मीदें डॉक्टरों से जुड़ी होती हैं. अब छात्रों के सामने किताबें नहीं, बल्कि ऐसे मरीज होंगे, जिन्हें चिकित्सकों से भरोसा, संवेदना और बेहतर इलाज की उम्मीद होगी. इन उम्मीदों पर खरा उतरना ही डॉक्टरों का सबसे बड़ा लक्ष्य होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह समाज के कल्याण के लिए समर्पित हो. मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में बिहार में मात्र छह मेडिकल कॉलेज थे, जबकि वर्तमान में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर 25 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं. एमबीबीएस की सीटें भी 700 से बढ़कर 2,582 हो गई हैं.
आयुष्मान भारत योजना से 2.1 करोड़ परिवारों को मिला लाभ
विजय कुमार सिन्हा ने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में 2.1 करोड़ परिवारों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ मिल रहा है. उन्होंने स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की भी अपील की.
चिकित्सकों को नैतिकता और करुणा को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए
स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने वीडियो संदेश के माध्यम से छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शिक्षा पूर्ण होने का अवसर नहीं, बल्कि मानवता की सेवा के प्रति प्रतिबद्धता की शुरुआत है. चिकित्सकों को ईमानदारी, नैतिकता और करुणा के साथ मरीजों का विश्वास बनाए रखना चाहिए.
संस्थान के चेयरमैन एमएम सिंह ने कहा कि मरीज केवल उपचार का विषय नहीं, बल्कि संवेदना का केंद्र होता है. चिकित्सा की सबसे बड़ी सफलता मरीज को मिली राहत में दिखाई देती है. वहीं प्रबंध निदेशक कृष्ण मुरारी सिंह ने छात्रों से नैतिकता, करुणा और सत्यनिष्ठा को जीवन में अपनाने की अपील की.
अस्पताल में उपलब्ध हैं आधुनिक जांच सुविधाएं
प्राचार्य डॉ. हरिहर दीक्षित ने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि अस्पताल में ईको, सीटी स्कैन, एमआरआई और अल्ट्रासाउंड सहित प्रमुख जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं. भर्ती मरीजों के लिए बेडसाइड दवा वितरण व्यवस्था लागू की गई है. इसके अलावा डिजिटल हेल्थ सेवा के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह उपलब्ध कराई जा रही है.
जहान्वी सिंह को मिला चांसलर्स मेडल
शैक्षणिक उत्कृष्टता में जहान्वी सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. शिवानी प्रिया द्वितीय, अलंकृता तृतीय तथा पूजा कुमारी सिन्हा चौथे स्थान पर रहीं. जहान्वी सिंह को चांसलर्स मेडल और शिवानी प्रिया को डायरेक्टर्स मेडल से सम्मानित किया गया. दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों ने संस्थान के शिक्षकों और प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया. समारोह में बड़ी संख्या में चिकित्सक, छात्र-छात्राएं और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे.
