बिहार के 8 लाख कर्मचारियों को दिवाली से पहले मिलेगा वेतन, जानें कब मिलेगी सैलरी

Good News: दिवाली से पहले बिहार के 8 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है. आइये जानते हैं कर्मचारियों के खाते में कब सैलरी आएगी.

सरकारी या निजी कंपनियों में काम करने वाले लोगों को उम्मीद रहती है कि त्योहारी सीजन में सैलरी जल्दी मिले. कई निजी कंपनियों में कर्मचारियों को दिवाली बोनस के साथ सैलरी भी दी जाती है ताकि वो अपने परिवार के साथ अच्छे से त्योहार मना सके. इसी कड़ी में बिहार के लाखों कर्मचारियों के लिए भी अच्छी खबर है. खबर आ रही है कि जल्द ही वित्त विभाग इस आदेश जारी कर सकता है. हालाँकि, बोर्ड, निगम और अकादमियों में काम करने वाले लोगों को भी वेतन मिलेगी, इस बात पर संशय है. बता दें कि इस महीने के अंत में धनतेरस, दिवाली और छठ महापर्व जैसा त्योहार है. ऐसे में बिहार के कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी दिवाली फीकी नहीं होगी और समय से पहले सैलरी आ जाएगी.

कब आ सकती है सैलरी

इस बार दिवाली अक्टूबर महीने की आखिरी तारीख को है. सामान्य तौर पर भी सरकारी कर्मियों को वेतन उनके बैंक खाते में 29-30 को चला जाता है. मगर पर्व के मौके पर सरकार अपने कर्मचारियों के लिए विशेष आदेश के जरिये समय से पहले भी वेतन जारी करती रही है.

इस कर्मचारियों का वेतन संशय में

एक तरफ दिवाली के मौके पर सरकारी कर्मचारियों को तय समय से पहले सैलरी मिलने की उम्मीद है तो दूसरी तरफ राज्य के कई बोर्ड, निगम और अकादमियों के कर्मचारी को वेतन मिलेगी या नहीं इस बात पर संशय है. इस पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि राज्य के अधिकतर बोर्ड, निगम या अकादमियों के कर्मियों को अन्य सरकारी महकमों की तरह वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलता है, उन्हें कम वेतन भी मिलता है. वेतन मिलने में देरी भी होती है. कई जगह सेवानिवृत्त कर्मियों को वेतन नहीं मिला है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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