सोना लुटेरा प्रिंस के एनकाउंटर पर हुआ बड़ा खुलासा, ओडिशा से बिहार तक फैला था नेटवर्क

Bihar Crime: बिहार STF के साथ मुठभेड़ में कुख्यात सोना लुटेरा प्रिंस मारा गया. उसने पुलिस पर 29 राउंड फायरिंग की थी. एनकाउंटर हाजीपुर में हुआ. उसके साथ मौजूद साथी त्रिलोकी को गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों पर कई राज्यों में गंभीर अपराध दर्ज थे.

Bihar Crime: शुक्रवार को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया सोना लुटेरा प्रिंस तीन दिन पहले पटना आया था. उसने आलमगंज में त्रिलोकी उर्फ रिशु से मुलाकात की और फिर दानापुर में अपने एक करीबी से मिलने के बाद वैशाली वापस लौट गया. इस दौरान उसने कदमकुआं इलाके के कुख्यात सोनू पटेल के एक खास व्यक्ति से भी मुलाकात की.

सोनू पटेल ने ही इसे पीएमसीएच से भगाने में मदद की थी. प्रिंस और त्रिलोकी वैशाली के हाजीपुर में सोना लूटकांड की योजना बना रहे थे. इसके लिए प्रिंस अपने पुराने गैंग को एकत्र करने के लिए पटना आया था. लेकिन इस बात की भनक एसटीएफ को लग गयी और वह उसके पीछे लग गयी.

प्रिंस काफी शातिर था, इसलिए उसका लोकेशन नहीं मिला. लेकिन एसटीएफ को यह जानकारी मिल गयी कि त्रिलोकी उर्फ रिशू भी साथ में ही है. इसके बाद रिशू का लोकेशन लेकर उसका पीछा शुरू कर दिया. इसी दौरान प्रिंस उर्फ अभिजीत की घेराबंदी हाजीपुर के दिग्धी के पास कर उसे पकड़ने का प्रयास किया गया. लेकिन उसने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. उसने पुलिस पर 29 राउंड फायरिंग की थी.

इसी दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रिंस मारा गया. पुलिस ने घटनास्थल से 29 खोखा और 40 जिंदा कारतूस बरामद किया. हालांकि प्रिंस के साथ रहा त्रिलोकी उस समय साइड हो गया और वह एक दुकान में जाकर बैठ गया. लेकिन पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया.

स्पेनिश कंपनी की दो नाइन एमएम की पिस्टल बरामद

प्रिंस और त्रिलोकी के पास से पुलिस ने स्पेनिश कंपनी की नाइन एमएम की दो पिस्टल और 7.65 एमएम की एक चाइनीज पिस्टल बरामद की है. एक नाइन एमएम पिस्टल की कीमत 12 लाख से अधिक है. इस पिस्टल की मारक क्षमता काफी अच्छी है और यह केवल सेना व पुलिसकर्मियों को ही सप्लाइ की जाती है. आम लोगों को यह पिस्टल नहीं बेची जाती है. अब यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि इन लोगों के पास यह नाइन एमएम पिस्टल कैसे पहुंची? इस बिंदू पर पुलिस का अनुसंधान जारी है.

शास्त्रीनगर थाने में पांच लाख गबन का दर्ज था केस

प्रिंस पर 12 जुलाई 2023 को एजी कॉलोनी इलाके की रहने वाली एक महिला ने पांच लाख रुपये की जालसाजी कर गबन करने का केस शास्त्रीनगर थाने में दर्ज कराया था. उसने आरोप लगाया था कि प्रिंस ने उससे पांच लाख रुपये लिये थे और यह आश्वासन दिया था कि अगर वह पैसा नहीं दे पाया तो कुछ और पैसे लेकर वह अपनी दानापुर तकिया पर स्थित 10 धुर जमीन की रजिस्ट्री कर देगा. प्रिंस पर पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर में कुल 31 केस दर्ज थे. जिसमें वैशाली जिले में 27 केस दर्ज थे. जबकि सीतामढ़ी में एक, मुजफ्फरपुर में दो और पटना में एक केस दर्ज था.

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आलमगंज में मां-बेटी की हत्या का आरोपी है त्रिलोकी

प्रिंस के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पुलिस ने त्रिलोकी उर्फ रिशु को गिरफ्तार कर लिया. त्रिलोकी भी शातिर अपराधी है. इस पर आलमगंज के धवलपुरा में लक्ष्मी देवी और उनकी बेटी सिंगाली कुमारी की हत्या करने का भी आरोप है. यह घटना जून 2025 में घटित हुई थी और वह उस समय से फरार चल रहा था. त्रिलोकी ने प्रिंस के साथ मिल कर ओड़िशा के जाजपुर पानी कोयाली थाना क्षेत्र में 25 किलो सोना लूटकांड की घटना को अंजाम दिया था.

इस संबंध में जाजपुर पानी कोयाली थाना में चार जनवरी 2025 को केस दर्ज किया गया था. इस मामले में ओड़िशा पुलिस त्रिलोकी के साथ ही प्रिंस की तलाश में थी. इसके अलावा त्रिलोकी ने जनवरी 2025 में ही ओड़िशा राज्य के संभलपुर अंधापल्ली में 11.40 करोड़ रुपये कीमत के सोने के गहने की लूट की थी. इस संबंध में नौ जनवरी 2025 को संभलपुर अंधापल्ली में केस दर्ज किया गया था. साथ ही इस पर आलमगंज थाने में तीन अन्य केस दर्ज हैं.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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