Patna Flood Alअबert : पटना में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर को आज पार कर सकता है. वहीं, हथिदह में शुक्रवार दोपहर तक गंगा के उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर जाने की आशंका जतायी गयी है. संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.
भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जिलों के नदी किनारे तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है. आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से नदी, घाट, तटबंध और निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है.
गांधी घाट पर हाई लेवल से महज 19 सेंटीमीटर नीचे पानी
पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है. गुरुवार शाम छह बजे यहां जलस्तर 50.31 मीटर दर्ज किया गया, जबकि उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर है. यानी पानी उच्चतम स्तर से महज 21 सेंटीमीटर नीचे था. रात आठ बजे उपलब्ध आंकड़े के अनुसार जलस्तर 50.33 मीटर दर्ज किया गया, जो उच्चतम स्तर से 19 सेंटीमीटर नीचे है.
विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार देर रात गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर उच्चतम स्तर को पार कर सकता है. शुक्रवार तक नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका जतायी गयी है.
दीघा घाट और हथिदह में भी बढ़ रहा जलस्तर
दीघा घाट पर गंगा का उच्चतम जलस्तर 52.52 मीटर दर्ज किया गया था. गुरुवार शाम छह बजे यहां जलस्तर 51.64 मीटर था. रात आठ बजे यह उच्चतम स्तर से 88 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया.
हथिदह में उच्चतम बाढ़ स्तर 43.52 मीटर है. रात आठ बजे यहां जलस्तर 43.14 मीटर दर्ज किया गया, जो उच्चतम स्तर से 38 सेंटीमीटर नीचे है. पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार दोपहर तक हथिदह में भी गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर सकता है.
मनेर में उच्चतम बाढ़ स्तर 53.79 मीटर है, जबकि रात आठ बजे यहां जलस्तर 53.47 मीटर दर्ज किया गया. यानी मनेर में पानी उच्चतम स्तर से 32 सेंटीमीटर नीचे है.
निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. टाउन प्रोटेक्शन वॉल में बने सभी 108 रास्तों को बंद कर दिया गया है. वहीं, 13 स्लूइस गेट के लीकेज को भी बंद किया गया है.
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चार स्थानों पर राहत शिविर लगाकर सामुदायिक किचेन शुरू किया गया है. बिंद टोली में पानी घुसने के बाद कुछ लोग गंगा पथ पर टेंट लगाकर रह रहे हैं. यहां भी राहत शिविर लगाया गया है.
बाढ़ और दानापुर में एक-एक तथा पाटलिपुत्र में दो राहत शिविर शुरू किये गये हैं. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए भी शिविर बनाये गये हैं. बाढ़ और पाटलिपुत्र अंचल में दो-दो तथा दानापुर अंचल में एक पशु शिविर लगाया गया है.
मुख्यमंत्री करेंगे प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे
शुक्रवार को मुख्यमंत्री के बेंगलुरु से लौटने के बाद दोपहर एक बजे प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने का कार्यक्रम है. इसके बाद दोपहर दो बजे राहत और बचाव कार्यों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक होगी.
इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और स्थानीय स्तर पर लोगों के साथ समन्वय बनाकर किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रखने को कहा है.
डीएम ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने का दिया निर्देश
डीएम कुंदन कुमार, एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा और नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने गुदीघा घाट से लेकर बिंद टोली, एलसीटी घाट, गोसाईं टोला और पूरे प्रोटेक्शन वॉल क्षेत्र का निरीक्षण किया.
डीएम ने सभी डीपीएस को सक्रिय रखने और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को 24 घंटे सतर्क व तैयार रहने का निर्देश दिया है. सदाकत आश्रम के पास नाले के माध्यम से शहर की ओर पानी आने की आशंका को देखते हुए जल संसाधन विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम को रातभर में नाले को बंद करने का निर्देश दिया गया है.
आपदा की स्थिति में 1070 पर दें सूचना
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से नदी, घाट, तटबंध और जलभराव वाले निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है. बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की सलाह दी गयी है.
विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल जिला प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है. किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर सूचना देने को कहा गया है.
गंगा जलस्तर के ताजा आंकड़े
| स्थान | उच्चतम बाढ़ स्तर | रात 8 बजे वर्तमान जलस्तर | अंतर |
| मनेर | 53.79 मीटर | 53.47 मीटर | 32 सेमी |
| दीघा घाट | 52.52 मीटर | 51.64 मीटर | 88 सेमी |
| गांधी घाट | 50.52 मीटर | 50.33 मीटर | 19 सेमी |
| हथिदह | 43.52 मीटर | 43.14 मीटर | 38 सेमी |
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