Flood in Danapur : दानापुर में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने दानापुर दियारे में खतरे की घंटी बजा दी है. बुधवार शाम गंगा का पानी खतरे के निशान से करीब ढाई फुट ऊपर बह रहा था. पिछले 12 घंटे में जलस्तर करीब डेढ़ फुट बढ़ गया है और हर घंटे लगभग तीन इंच पानी बढ़ रहा है. बाढ़ का पानी दियारे के सात पंचायतों के दर्जनों गांवों में घुस चुका है. निचले इलाकों के घरों में डेढ़ से दो फुट तक पानी जमा है, जबकि सड़कें तीन से चार फुट और खेत चार से पांच फुट पानी में डूबे हैं. बिगड़ते हालात को देखते हुए ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन की तैयारी में जुट गए हैं.
सात पंचायतों में घुसा बाढ़ का पानी
गंगहरा, हेतनपुर, कासीमचक, पुरानी पानापुर, पतलापुर, मानस और अकिलपुर पंचायतों की करीब तीन लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है. निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं. बाढ़ के कारण दियारे की सात पंचायतों का प्रखंड मुख्यालय से सड़क संपर्क टूट गया है. अब गांवों तक आने-जाने का एकमात्र सहारा नाव रह गया है.
फसलें डूबीं, बिजली भी गुल
बाढ़ के पानी में किसानों की सैकड़ों एकड़ में लगी मकई और हरी सब्जियों की फसल डूब गयी है. बुधवार सुबह से दियारे में बिजली आपूर्ति भी बंद है, जिससे ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं. बिजली नहीं रहने के कारण नल-जल योजना के बोरिंग भी बंद पड़े हैं. कई गांवों में राशन और अन्य जरूरी सामान का संकट गहराने लगा है.
देवनानाला में 169.50 फुट पहुंचा जलस्तर
बुधवार शाम देवनानाला पर गंगा का जलस्तर 169.50 फुट रिकॉर्ड किया गया. यह खतरे के निशान से करीब ढाई फुट ऊपर है. सहायक अभियंता के अनुसार इलाहाबाद और बनारस में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, जबकि बक्सर में गंगा और इंद्रपुरी में सोन नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर है. उन्होंने गंगा के जलस्तर में और वृद्धि की संभावना जतायी है.
दियारा को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग
दियारे के बिगड़ते हालात को देखते हुए पूर्व जिला पार्षद सदस्य ओम प्रकाश यादव, पूर्व मुखिया दिनेश राय, जिला पार्षद प्रतिनिधि सह भाजपा नेता रंजीत यादव, जयपाल यादव, मुखिया प्रतिनिधि वकील राय और जदयू नेता संजय कुमार सिंह समेत ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, आपदा प्रबंधन मंत्री, डीएम और एसडीओ से दियारा क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग की है. ग्रामीणों ने सरकारी स्तर पर नावों का परिचालन बढ़ाने की भी मांग की है.
छह पंचायतों में 12 नाव चलाने का निर्देश
एसडीओ वीरूपाक्ष विक्रम सिंह ने बताया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सजग है. छह पंचायतों में सरकारी स्तर पर 12 नाव चलाने का निर्देश दिया गया है. मेडिकल टीम के लिए भी एक नाव चलाने का निर्देश दिया गया है. जरूरत पड़ने पर एसडीआरएफ की टीम बुलायी जायेगी. गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है.
बलदेव स्कूल में बनेगा राहत शिविर
एसडीओ ने बताया कि जलस्तर बढ़ने और ग्रामीणों के पलायन की स्थिति में राहत शिविर के लिए स्थल चयनित कर लिया गया है. बलदेव स्कूल में राहत शिविर सह सामुदायिक किचन बनाने की तैयारी पूरी कर ली गयी है. लाइफ जैकेट और दवाओं समेत अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था की जा रही है. सांप-बिच्छू काटने की स्थिति में दवाओं के साथ इमरजेंसी बोट तैनात करने की भी व्यवस्था की जायेगी.
49 स्कूलों पर भी नजर
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए दियारे के 49 स्कूलों को बंद करने का फैसला डीएम के आदेश के बाद ही लिया जायेगा. सीओ प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि निचले और तटवर्ती इलाकों के लोगों को अलर्ट कर दिया गया है और उन्हें ऊंचे स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया है. मवेशियों के चारे की व्यवस्था के लिए प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है.
