स्कूल व कॉलेजों के कैंटिन में बड़ा बदलाव, जंक फूड समते इन चिजों पर FSSAI ने लगायी रोक

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने स्कूलों के साथ अन्य सभी शैक्षणिक संस्थानों में जंक फूड की बिक्री पर रोक लगा दी है.

पटना : भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने स्कूलों के साथ अन्य सभी शैक्षणिक संस्थानों में जंक फूड की बिक्री पर रोक लगा दी है. जंक फूड के साथ वैसे अन्य अस्वस्थ्य खाद्य पदार्थों की बिक्री पर भी रोक लगायी है, जिनमें बड़ी मात्रा में वसा, साल्ट और शूगर पाया जाता है. स्कूलों की कैंटीन, मेस या हॉस्टल किचन या फिर स्कूल परिसर के 50 मीटर के अंदर बिक्री नहीं हो सकती है. इन खाद्य पदार्थों में पिज्जा, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, समोसे, पेस्ट्री, सैंडविच, ब्रेड पकोड़े आदि शामिल हैं.

इस संबंध में एफएसएसएआइ के सीइओ अरुण सिंघल ने नोटिस जारी कर दिया है. साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के आसपास अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों विज्ञापन पर प्रतिबंध लगा दिया है. एफएसएसएआइ ने कहा है कि यह कदम स्कूली बच्चों की सुरक्षा और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. एफएसएसएआइ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत नये सिद्धांतों को लागू कर रहा है. इसका मकसद स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित, पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराना है. शैक्षणिक संस्थानों के लोगों का मानना है कि इस कदम से स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित भोजन और संतुलित आहार उपलब्ध होगा. बच्चों की बौद्धिक क्षमता और इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होगा.

लेना होगा लाइसेंस : अब स्कूलों और कॉलेजों में कैंटीन खोलने के लिए लाइसेंस लेना होगा. कैंटीन, मेस, किचन संचालित करने वालों को एफएसएसएआइ लाइसेंस देगा. साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा मिड डे मील के अनुबंधित फूड कारोबारियों को भी एफएसएसएआइ में रजिस्ट्रेशन कराना होगा या फिर लाइसेंस लेना होगा. समय-समय पर नगर निगम अधिकारियों द्वारा स्कूल परिसरों का नियमित निरीक्षण भी किया जायेगा. सभी संस्थानों को बच्चों को सुरक्षित, स्वास्थ्यवर्धक और शुद्ध भोजन उपलब्ध करना सुनिश्चित करना पड़ेगा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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