Neet Paper Leak: पेपर लीक कराने का झांसा देकर टेलीग्राम से ठगी, EOU ने अररिया से मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार

Neet Paper Leak, अनुज शर्मा, पटना: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के आयोजन से एक दिन पहले ही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को बड़ी कामयाबी मिली है. इओयू ने टेलीग्राम चैनल के ज़रिए पेपर लीक के नाम पर की जा रही ठगी का भंडाफोड़ कर दिया है. इस मामले में अररिया जिले के इस्लाम नगर निवासी एसके फैज को गिरफ्तार किया गया है, जो इस साइबर ठगी का मास्टरमाइंड निकला.

Neet Paper Leak: चार मई को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) परीक्षा से पहले आर्थिक अपराध इकाई को खुफिया सूचना मिली थी कि टेलीग्राम पर कुछ अवैध चैनलों के माध्यम से परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के नाम पर पैसों की ठगी की जा रही है. एसके फैज ने ‘नीट पेपर लीक’ नामक टेलीग्राम चैनल बनाकर छात्रों और अभिभावकों को झांसे में लेना शुरू किया था. वह प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर यूपीआइ आइडी के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करवाता था. ये पैसे सीधे पंजाब नेशनल बैंक में स्थित एक खाते में जमा कराए जाते थे, जो फैज के नियंत्रण में था.

EOU ने 3 मई को किया था गिरफ्तार

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इओयू के आला अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली तो तत्काल अररिया के पुलिस अधीक्षक और साइबर थाना प्रभारी को सूचित किया गया. जांच और तकनीकी सत्यापन के बाद अररिया साइबर थाना ने 3 मई को कांड संख्या 11/2025 दर्ज करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

बिहार पुलिस पूरी तरह सक्षम

आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) के डीआइजी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने सोमवार को मीडिया को जानकारी दी कि इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल परीक्षा के संभावित फर्जीवाड़े को समय रहते रोका, बल्कि यह भी साबित किया कि बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई साइबर अपराध के विरुद्ध पूरी तरह चौकस और सक्षम है. गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस एस.के. फैज के अन्य सहयोगियों और उसके साइबर नेटवर्क की भी जांच कर रही है.

इसे भी पढ़ें: बिहार के सभी जिलों में अगले 24 घंटे होगी भयंकर बारिश, IMD ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >