4 बार IVF फेल, अब सीड्स ऑफ इनोसेंस IVF सेंटर की मदद से घर में गूंजेगी किलकारी

चार बार IVF असफल होने और Thin Endometrium जैसी गंभीर चुनौती के बावजूद बेगूसराय के एक दंपति ने उम्मीद नहीं छोड़ी. सीड्स ऑफ इनोसेंस IVF सेंटर, पटना में अलग उपचार रणनीति अपनाई गई, जिसके बाद महिला गर्भवती हुई. अब आठ सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था सामान्य रूप से आगे बढ़ रही है.

मातृत्व का सपना हर दंपति के जीवन का सबसे खूबसूरत सपना होता है. लेकिन जब बार-बार असफलताएं मिलती हैं, तो उम्मीद भी कमजोर पड़ने लगती है. बिहार के बेगूसराय से आए एक दंपति ने भी ऐसा ही कठिन दौर देखा. शादी के 6 साल बाद भी संतान सुख नहीं मिला और 4 बार IVF उपचार असफल हो चुका था. लगातार असफलता का मुख्य कारण Thin Endometrium (गर्भाशय की पतली अंदरूनी परत) था, जिसके कारण भ्रूण (Embryo) गर्भ में सफलतापूर्वक विकसित नहीं हो पा रहा था.

ऐसे समय में दंपति ने सीड्स ऑफ इनोसेंस IVF सेंटर, पटना का रुख किया, जहां वरिष्ठ IVF विशेषज्ञ एवं क्लिनिकल हेड डॉ. देबलीना रॉय ने उनकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री का गहन अध्ययन किया और एक अलग उपचार रणनीति अपनाई.

डॉ. रॉय ने बताया कि हर मरीज की समस्या अलग होती है. इस दंपति के मामले में बार-बार IVF दोहराने के बजाय शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए Natural Cycle Embryo Transfer किया गया. उपचार के दौरान कम से कम दवाओं का उपयोग किया गया ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से गर्भधारण को स्वीकार कर सके.

इस उपचार का सकारात्मक परिणाम सामने आया और आज महिला का गर्भ 8 सप्ताह से अधिक का है. मां और शिशु दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं तथा गर्भावस्था सामान्य रूप से आगे बढ़ रही है.

हमारा उद्देश्य केवल प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव कराना नहीं है. हमारा लक्ष्य एक स्वस्थ मां और एक स्वस्थ बच्चे को सुरक्षित जन्म तक पहुंचाना है. यही सीड्स ऑफ इनोसेंस की सबसे बड़ी पहचान है- डॉ देबलीना रॉय

सीड्स ऑफ इनोसेंस IVF अब तक 11,000 से अधिक दंपतियों को माता-पिता बनने की खुशी दे चुका है. संस्थान का मानना है कि हर मरीज की चिकित्सा उसकी व्यक्तिगत समस्या के अनुसार की जानी चाहिए. आधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और व्यक्तिगत देखभाल के माध्यम से उन दंपतियों को भी नई उम्मीद मिल रही है, जिन्होंने पहले कई बार असफल IVF का सामना किया है.

यह सफलता एक बार फिर साबित करती है कि सही विशेषज्ञ, सही उपचार योजना और व्यक्तिगत देखभाल के साथ कठिन से कठिन IVF मामलों में भी सफलता प्राप्त की जा सकती है.


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लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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