बिहटा में महिलाओं के लिए राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान का शिलान्यास, 500 महिलाओं को मिलेगा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण

बिहार के बिहटा में महिलाओं के लिए राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI) का शिलान्यास किया गया है. यह बिहार का पहला ऐसा संस्थान है जो 500 महिलाओं को विभिन्न रोजगारोन्मुखी ट्रेडों में प्रशिक्षित करेगा. इसका लक्ष्य महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है.

Patna Skill Training: पटना जिले के बिहटा प्रखंड स्थित सिकंदरपुर औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं के लिए राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) के स्थायी परिसर का गुरुवार को शिलान्यास किया गया. केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी और बिहार सरकार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस परियोजना की आधारशिला रखी.

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, विभागीय मंत्री अरुण शंकर प्रसाद समेत केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. पहले यह कार्यक्रम सिकंदरपुर औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित होना था, लेकिन राजधानी पटना में हुए घटनाक्रम के कारण इसे वर्चुअल माध्यम से संपन्न किया गया.

बिहार में महिलाओं के लिए पहला राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान

भारत सरकार की ओर से बिहार में महिलाओं के लिए यह पहला राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जा रहा है. पहले चरण में करीब चार एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक परिसर का निर्माण किया जाएगा. परियोजना को दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. संस्थान में एक समय में लगभग 500 महिलाओं को विभिन्न रोजगारोन्मुखी ट्रेडों में प्रशिक्षण देने की व्यवस्था होगी. यहां केंद्र और राज्य सरकार की कौशल विकास योजनाओं के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे.


प्रशिक्षण के साथ रोजगार से जोड़ने की पहल

संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए भी विशेष पहल की जाएगी. इससे बिहार की महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिए अन्य राज्यों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. सरकार का मानना है कि इस संस्थान के शुरू होने से महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा.


औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा प्रशिक्षित मानव संसाधन

बिहटा औद्योगिक क्षेत्र में तेजी से उद्योगों का विस्तार हो रहा है. ऐसे में यह संस्थान स्थानीय उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. विशेषज्ञों के अनुसार, संस्थान के संचालन से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय युवतियों एवं महिलाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण मिल सकेगा.

100 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा संस्थान

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह संस्थान बिहार में महिलाओं के कौशल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है.

केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि कौशल विकास आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है. यह संस्थान बिहार की महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगा.

चार एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक परिसर

भारत सरकार की ओर से बिहार में महिलाओं के लिए यह पहला राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जा रहा है. पहले चरण में लगभग चार एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक परिसर का निर्माण होगा, जिसे दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

संस्थान में एक समय में करीब 500 महिलाओं को विभिन्न रोजगारोन्मुखी ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा. यहां केंद्र और राज्य सरकार की कौशल विकास योजनाओं के तहत प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की भी व्यवस्था की जाएगी.

बिहार की महिलाओं को मिलेगा बड़ा लाभ

संस्थान शुरू होने के बाद बिहार की महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इसके साथ ही बिहटा औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी.

मुख्यमंत्री के नहीं पहुंचने से दिखी मायूसी

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचने से बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों में निराशा देखी गई. पटना से आई रुचि कुमारी मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के स्वागत के लिए अपनी बनाई पेंटिंग लेकर पहुंची थीं. उन्होंने कहा कि महिलाओं के कौशल विकास से जुड़े इस कार्यक्रम को लेकर वे काफी उत्साहित थीं, लेकिन नेताओं के नहीं आने से निराशा हुई.

रेखा देवी, शिला देवी, रागिनी देवी, सीमा कुमारी सहित कई महिलाओं ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. वहीं मनीष कुमार समेत अन्य युवाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचने से उन्हें मायूसी हुई. हालांकि लोगों ने उम्मीद जताई कि संस्थान का निर्माण क्षेत्र की महिलाओं के लिए बड़ी सौगात साबित होगा और इससे कौशल विकास के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.


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Author: Monu Kumar Mishra

Published by: Nikhil Anurag

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