Baluachak Road Washed Away : बाढ़ के बीच बलुआचक में रविवार को डुमरी से बेलदारीचक जाने वाली पुरानी सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक ध्वस्त हो गया. बाढ़ के पानी के तेज दबाव के कारण सड़क टूटने से करीब 15 गांवों का सीधा संपर्क बाधित हो गया है. सड़क किनारे खड़ा करीब सौ वर्ष पुराना पीपल का पेड़ भी जड़ से उखड़कर गिर गया. सड़क टूटने के बाद पानी आसपास के हजारों एकड़ खेतों में फैल रहा है.
बाढ़ के दबाव में अचानक ध्वस्त हुई सड़क
दरअसल, जानकारी अनुसार बेलदारीचक क्षेत्र के बलुआचक में रविवार को बाढ़ के पानी का दबाव पुरानी सड़क पर भारी पड़ गया. डुमरी से बेलदारीचक जाने वाली सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक ध्वस्त हो गया. सड़क टूटने से मौके पर गहरा गड्ढा बन गया है, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है.
15 गांवों का सीधा सड़क संपर्क बाधित
सड़क के ध्वस्त होने का सीधा असर आसपास के करीब 15 गांवों पर पड़ा है. ग्रामीणों को अब एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है. इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी बढ़ गयी है.
सौ साल पुराना पीपल का पेड़ भी जड़ से उखड़ा
बाढ़ के पानी के दबाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सड़क किनारे खड़ा करीब सौ वर्ष पुराना विशाल पीपल का पेड़ भी जड़ से उखड़ गया. पेड़ सड़क पर गिरने से स्थिति और गंभीर हो गयी. ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क के नीचे पानी निकासी के लिए लगाया गया पाइप भी पानी के अत्यधिक दबाव को नहीं झेल सका.
पाइप फेल होने के बाद सड़क का हिस्सा बहा
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के नीचे पानी की निकासी के लिए पाइप लगाया गया था. बाढ़ के पानी का दबाव बढ़ने के बाद पाइप की क्षमता जवाब दे गयी. इसके बाद सड़क का हिस्सा पानी के साथ बह गया और मौके पर बड़ा गड्ढा बन गया. सड़क टूटने के बाद पानी का बहाव आसपास के खेतों की ओर बढ़ गया है.
हजारों एकड़ खेतों में फैल रहा बाढ़ का पानी
सड़क टूटने से केवल आवागमन की समस्या ही नहीं बढ़ी है, बल्कि आसपास के कृषि क्षेत्र पर भी संकट गहरा गया है. ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ का पानी तेजी से हजारों एकड़ खेतों में फैल रहा है. इससे किसानों की चिंता बढ़ गयी है और फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है.
पूर्व मुखिया प्रतिनिधि ने निर्माण व्यवस्था पर उठाये सवाल
लखना पूर्वी पंचायत के पूर्व मुखिया प्रतिनिधि और राजद के प्रदेश पूर्व महासचिव द्वारिका पासवान ने सड़क की स्थिति को लेकर सवाल उठाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहटा-सरमेरा राजमार्ग के निर्माण के दौरान पुरानी सड़क पर बनी पुलिया की स्थिति और उसकी जरूरत को गंभीरता से नहीं लिया गया.
पर्याप्त क्षमता वाली पुलिया बनाने की मांग का किया दावा
द्वारिका पासवान के अनुसार, सड़क निर्माण के दौरान ग्रामीणों ने यहां पर्याप्त क्षमता वाली पुलिया बनाने की मांग की थी. उनका कहना है कि यदि उस समय जल निकासी की व्यवस्था और पुलिया की क्षमता पर उचित ध्यान दिया जाता तो मौजूदा स्थिति को काफी हद तक टाला जा सकता था.
ग्रामीणों ने तत्काल मरम्मत की मांग की
ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी पुलिया और जल निकासी व्यवस्था की समय पर मरम्मत और मजबूती नहीं होने का खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के साथ बाढ़ के पानी की निकासी के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है. ग्रामीणों के मुताबिक, जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आवागमन के साथ खेतों में जलजमाव की समस्या और गंभीर हो सकती है.
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