फर्जी एसएसपी ने गांधी मैदान के पुलिस पदाधिकारी व जवानों की लगादी ड्यूटी और होटल से दो मैनेजर को पूछताछ के लिए थाने पर मंगवाया

एसएसपी कार्तिकेय शर्मा बन कर एक फर्जी व्यक्ति ने गांधी मैदान थाने के अध्यक्ष, अवर निरीक्षक व गश्ती पार्टी को परेशान कर दिया और उनकी ड्यूटी लगा दी.

संवाददाता, पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा बन कर एक फर्जी व्यक्ति ने गांधी मैदान थाने के अध्यक्ष, अवर निरीक्षक व गश्ती पार्टी को परेशान कर दिया और उनकी ड्यूटी लगा दी. उसके आदेश पर पीआइआर से अतिरिक्त फोर्स को भी भेजने का भी संदेश प्रसारित कर दिया गया. साथ ही उस फर्जी एसएसपी के कहने पर पुलिसकर्मी एग्जीबिशन रोड के एक होटल के दो मैनेजर को पूछताछ के लिए थाना भी ले आये. उसने पुलिसकर्मियों को खुद भी एसटीएफ के साथ थाने पर आकर उनलोगों से पूछताछ करने की जानकारी दी. लेकिन, न तो वह फर्जी एसएसपी पहुंचा और न ही एसटीएफ की टीम पहुंची. साथ ही जिस नंबर से फोन कर अपने आप को एसएसपी कार्तिकेय शर्मा बताया था, उसे स्विच ऑफ कर लिया. इसके बाद छानबीन की गयी, तो पता चला कि पुलिसकर्मियों को किसी ने बेवकूफ बना कर जालसाजी की है. इसके बाद गांधी मैदान थाने की दारोगा कविता रानी के बयान पर 6207577116 मोबाइल नंबर के धारक के खिलाफ केस दर्ज किया गया. इधर, पुलिस ने जब इस नंबर की जांच की, तो पता चला कि यह किसी सुबीर नाम के व्यक्ति के नाम पर है और घटना के समय उसका लोकेशन कोलकाता बता रहा था. गांधी मैदान के अपर थानाध्यक्ष पारितोष कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है.21 जुलाई को 6207577116 नंबर से एक व्यक्ति ने गांधी मैदान के थानाध्यक्ष को कॉल किया और बताया कि होटल सीपी पैलेश की ओर कौन सी गश्ती गाड़ी है. साथ ही खुद को एसएसपी कार्तिकेय शर्मा बताते हुए गश्ती गाड़ी पर तैनात दारोगा कविता रानी का नंबर लिया. इसके बाद उसने कविता रानी को कॉल कर एग्जीबिशन रोड स्थित होटल सीपी पैलेस पहुंचने को कहा. कविता ने जब बल की कमी बतायी, तो उसने कहा कि मैं पुलिस लाइन बात करता हूं. इसके बाद फिर से कविता रानी को फोन कर उसने कहा कि तुम तुरंत होटल सीपी पैलेस पहुंचो और वहां के मैनेजर से बात कराओ. . कविता जब दल-बल के साथ सीपी पैलेस पहुंचीं, तो उसने वहां के मैनेजर व मालिक के नाम और मोबाइल नंबर मांगे. होटल स्टाफ ने जब फोन नंबर देने से मना किया, तो सभी को पकड़ कर थाना लाने का आदेश दिया. साथ ही कहा कि अगर दिक्कत हो रही है, तो मैं खुद 10 मिनट में पहुंचता हूं. इस पर होटल मैनेजर ने मालिक का नंबर दे दिया. इसके बाद दारोगा कविता रानी ने बताया कि मैं इतने लोगों को एक गाड़ी पर लेकर नहीं आ सकती हूं, तो उसने फोन पर ही कहा कि रुको मैं एक बस भेजता हूं.

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Published by: Durgesh kumar

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