तीन नदियों में पनबिजली की संभावना तलाशेगा ऊर्जा विभाग

बिहार में स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा उत्पादन के लिए राज्य सरकार ने गंडक, बूढ़ी गंडक और महानंदा नदियों के जलविद्युत परियोजना स्थलों का संशोधित सर्वेक्षण कराने का फैसला लिया है.

गंडक, बूढ़ी गंडक और महानंदा पर जलविद्युत परियोजनाओं के लिए संशोधित सर्वेक्षण की तैयारी संवाददाता, पटना बिहार में स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा उत्पादन के लिए राज्य सरकार ने गंडक, बूढ़ी गंडक और महानंदा नदियों के जलविद्युत परियोजना स्थलों का संशोधित सर्वेक्षण कराने का फैसला लिया है. पिछला सर्वेक्षण वर्ष 2011-12 में किया गया था, लेकिन अब जलप्रवाह, भू-आकृति और तकनीकी मापदंडों में आए बदलावों के कारण इन स्थलों की पुनः समीक्षा जरूरी मानी जा रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में 13.11 करोड़ रुपये की लागत से यह संशोधित सर्वेक्षण कराया जायेगा. गंडक नदी पर बेतिया (80 मेगावाट) और बगहा (50 मेगावाट), बूढ़ी गंडक पर रघुनाथपुर(दो मेगावाट) बारा गोविंदपुर (4.4 मेगावाट), महानंदा पर बसंतपुर, सोनापुर, दालखोला और रूपाधार जैसे स्थलों को व्यवहार्य माना गया है. इन सभी परियोजनाओं की कुल अनुमानित क्षमता लगभग 160 मेगावाट होगी. माना जा रहा है कि एक ओर यह राज्य को ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर ले जायेगी. विशेषज्ञ मानते हैं कि जलविद्युत उत्पादन से न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आयेगी, बल्कि यह ग्रामीण बिहार में सतत विकास और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग का भी मार्ग प्रशस्त करेगा.

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By Rakesh ranjan

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