Patna News: पटना में प्रतिदिन 13-15 जोड़े कर रहे हैं कोर्ट मैरिज, जानें नियम, जरुरी दस्तावेज और अन्य डिटेल्स

Patna News: महंगाई के जमाने में आजकल शादी के खर्चे इस कदर बढ़ गये हैं कि यदि कोई परिवार सादगी से भी शादी करने चाहे, तो भी अच्छा खासा खर्चा बैठ जाता है. करोड़ों रुपये कमाने वाले सेलेब्स भी शादी पर बे-फिजूल खर्चा करने से बचते हुए कोर्ट मैरिज को सही मानते हैं.शहर के जिला निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन 13-15 कपल कोर्ट मैरिज को तरजीह दे रहे हैं.

Patna News, लाइफ रिपोर्टर@पटना: अपने यहां शादियों का सीजन किसी त्योहार से कम नहीं होता. शादी समारोह में अब कई तरह के कार्यक्रमों का चलन बढ़ा है. इसमें सगाई, मेहंदी, शादी, फिर रिसेप्शन जैसे उत्सवों पर लाखों रुपये खर्च किये जाते हैं. इससे ठीक उलट शहर में ऐसी भी शादियां हो रही हैं, जिसमें मात्र 100-300 रुपये तक का खर्च आता है. भले ही इसका चलन कम हो, पर निबंधन कार्यालय में धारा 5 के तहत सोलेनाइजेशन ऑफ मैरिज ( कोर्ट मैरिज) और धारा 15 के तहत विवाह निबंधन कराने वालों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है.

प्रतिदिन 13-15 जोड़े कर रहे हैं कोर्ट मैरिज

छज्जूबाग स्थित जिला निबंधन कार्यालय में वर्ष 2024 में जहां 1415 कपल कानूनन एक दूजे के हुए, वहीं 1010 लोगों ने विवाह निबंधन कराया है. जिला निबंधन कार्यालय में इस वर्ष अब तक 300 से ज्यादा लोगों ने शादी का रजिस्ट्रेशन कराया है. विवाह पदाधिकारी, पटना सदर के रवि रंजन कहते हैं, रजिस्ट्री कार्यालय में शादी कराना सस्ता है. यहां शादी कर लोग फिजूल खर्च से बचते हैं और उनकी शादी को कानूनी रूप से मान्यता मिल जाती है, जो सबसे बेस्ट ऑप्शन है. शादी के शुभ मुहूर्त होने के कारण अभी प्रतिदिन 13-15 जोड़े कोर्ट मैरिज कर रहे हैं.

विवाह अधिनियम के तहत होती है शादियां

जिला अवर निबंधक का कहना है कि कोर्ट मैरिज परंपरागत शादियों से बहुत अलग होती है. यहां शादियां निबंधक ऑफिसर के सामने विशेष विवाह अधिनियम के तहत संपन्न होती है, कोर्ट मैरिज किसी भी धर्म, संप्रदाय अथवा जाति के बालिग युवक-युवती के बीच हो सकती है. किसी विदेशी और भारतीय की भी कोर्ट मैरेज हो सकती है. कोर्ट मैरिज में किसी तरह की कोई धार्मिक प्रक्रिया नहीं अपनायी जाती है. इसके लिए दोनों पक्षों को सीधे ही मैरिज रजिस्ट्रार के समक्ष आवेदन करना होता है

दिखावा नहीं, प्यार है जरूरी…

मंगलवार को पटना निबंधन कार्यालय में शादी करने पहुंचे एक कपल से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि आजकल के कपल काफी प्रैक्टिकल अप्रोच को लेकर चल रहे हैं. शादी पर लाखों खर्च करने से बेहतर है, साधारण शादी की जाये. शादी में खर्च होने वाले पैसों को बचाकर हम आगे भविष्य में इस्तेमाल करेंगे. कई लोग शो ऑफ की जिंदगी में रहना पसंद करते हैं, तो कई शादी पर पैसा खर्च करने से बचते हैं. शादी के लिए दिखावा, नहीं बल्कि एक दूसरे से प्यार होना चाहिए.

निबंधित शादियों को मिलती है कानूनी मदद

पटना जिला निबंधन कार्यालय के विवाह पदाधिकारी रवि रंजन ने बताया कि पिछले कुछ साल में पटना में भी कोर्ट मैरिज का ट्रेंड बढ़ा है. मैरेज सर्टिफिकेट आज हर जगह मान्य है. इसकी आवश्यकता आपको नौकरी, विदेश जाने और सामाजिक स्वीकृति के लिए जरूरी है. जब अब आम रीति रिवाज से शादी करते हैं, तो इसका कोई साक्ष्य नहीं होता है. आज के समय में शादी के साथ-साथ सेपरेशन के भी कई मामले होने लगे हैं. ऐसे में निबंधित शादी होने से आपको कानूनी रूप से मदद मिलती है.

ये है कोर्ट मैरिज के नियम

लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए.
कोर्ट मैरिज स्पेशल मैरिज एक्ट-1954 के अनुसार होती है. जिसमें पहले से कोई शादीशुदा नहीं होना चाहिए.
दूल्हा-दुल्हन दोनों ही मानसिक रूप से स्वस्थ हो.
वर-वधु का आपस में कोई पारिवारिक रिश्ता न हो जैसे मामा, भांजी, चाचा-भतीजी भाई-बहन आदि
दो गवाह लड़की की तरफ से और दो गवाह लड़के की तरफ से होने चाहिए, गवाही के बिना शादी मान्य नहीं होती है.
आपको शादी की तारीख से एक माह (30 दिन) पहले तक उस शहर का निवासी होना चाहिए.

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जानें- विवाह निबंधन के नियम

लड़का और लड़की की शादी हो चुकी है और दोनों साथ पति-पत्नी के रूप में रह रहे हो.
पति-पत्नी दोनों ही मानसिक रूप से स्वस्थ हो.
आपस में कोई पारिवारिक रिश्ता न हो जैसे मामा, भांजी, चाचा-भतीजी भाई-बहन आदि
निबंधन के दौरान दोनों शादी की आयु पूरी हो.
आवेदन देने के बाद 30 दिन के अंदर विवाह का निबंधन होता है.

ये होने चाहिए जरूरी दस्तावेज

आपकी आवेदन पत्र को शुल्क सहित नियमनुसार भरकर जमा करना होगा.
वर-वधू के अलग-अलग दो-दो रंगीन फोटो या फिर शादी के बाद के रजिस्ट्रेशन के लिए दो संयुक्त फोटो जरूरी है.
निवास का प्रमाण पहचान पत्र/ आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस की फोटोकॉपी जमा करनी होगी,
कोर्ट मैरिज की फीस सभी राज्यों में अपनी सेवा अनुसार अलग होती है. जिसमें विवाह सूचना शुल्क 100 रुपये और विवाह निबंधन शुल्क 200 रुपये है.
हाइ स्कूल / इंटर की मार्कशीट की फोटोकॉपी या आप जन्म प्रमाण पत्र भी जमा कर सकते है.
धारा 5 और धारा 15 के तहत एक शपथ पत्र देना होता है.
दूल्हा-दुल्हन के गवाहों की फोटो और पैन कार्ड जमा होता है.

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लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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