मुजफ्फरपुर के पूर्व उत्पाद अधीक्षक व डीएसपी समेत चार पर इओयू की एफआइआर

टना हाइ कोर्ट के निर्देश पर आर्थिक अपराध इकाई ने मुजफ्फरपुर के तत्कालीन उत्पाद अधीक्षक, एक डीएसपी, थानाध्यक्ष और एक दारोगा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है.

By DURGESH KUMAR | January 13, 2026 11:38 PM

पटना हाइकोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई, 2020 में जब्त वाहन को 2023 में नीलाम करने का है आरोप संवाददाता, पटना मुजफ्फरपुर में शराब के साथ जब्त एक स्कॉर्पियो वाहन को न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद नीलाम कर देने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है. पटना हाइ कोर्ट के निर्देश पर आर्थिक अपराध इकाई ने मुजफ्फरपुर के तत्कालीन उत्पाद अधीक्षक, एक डीएसपी, थानाध्यक्ष और एक दारोगा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. मामला वर्ष 2020 का है, जब मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र से मुशहरी निवासी सुशील कुमार सिंह की स्कॉर्पियो गाड़ी जब्त की गयी थी. प्राथमिकी के अनुसार, वाहन से पांच बोतल विदेशी शराब बरामद होने का दावा किया गया था. इसके बाद पीड़ित ने विशेष न्यायालय में वाहन मुक्त कराने को लेकर याचिका दायर की. विशेष न्यायालय ने याचिका स्वीकार करते हुए सकरा थाना प्रभारी को वाहन छोड़ने का स्पष्ट आदेश दिया था. बावजूद इसके, लंबे समय तक आदेश का पालन नहीं किया गया. बाद में थानाध्यक्ष की ओर से न्यायालय को यह जानकारी दी गयी कि मार्च 2023 में उक्त वाहन को राज्यसात करते हुए नीलाम कर दिया गया है. इस कार्रवाई से आहत पीड़ित ने हाई कोर्ट के आदेश पर उत्पाद विभाग में अपील और रिवीजन याचिकाएं दाखिल कीं, लेकिन दोनों ही याचिकाएं खारिज कर दी गईं. इसके बाद पीड़ित ने पुनः पटना हाइकोर्ट में सीडब्ल्यूजेसी दाखिल की. मामले की सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट ने प्रथम दृष्टया कोर्ट आदेश की अवहेलना और गंभीर अनियमितता मानते हुए आर्थिक अपराध इकाई को प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके बाद इओयू ने चारों अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है. मामला न्यायिक आदेशों की अवहेलना और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है.

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