Bihar EO Strike : डेहरी EO विमल कुमार की हत्याकांड के बाद राज्य भर के कार्यपालक अधिकारियों ने इसका विरोध करते हुए हड़ताल शुरू किया था. अब बिहार नगर सेवा संघ ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल और सामूहिक अवकाश तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारी 6 अगस्त यानी आज से अपने-अपने कार्यालयों और कर्तव्यों पर लौटेंगे.
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा के साथ हुई अहम बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है. हालांकि अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अगर 31 अगस्त 2026 तक उनकी मांगों पर अधिसूचना जारी नहीं हुई, तो वे दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे.
तीन महीनों के भीतर दो अधिकारियों की हत्या का विरोध
पिछले तीन महीनों के भीतर दो अधिकारियों विमल कुमार और कृष्णा भूषण कुमार की हत्या के विरोध में कार्यपालक अधिकारियों ने यह हड़ताल शुरू की थी. डेहरी ईओ हत्याकांड की घटना से पूरे विभाग में आक्रोश था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे थे.
डेहरी डालमियानगर के कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या के विरोध में राज्यभर के कार्यपालक पदाधिकारी और नगर निकाय कर्मी हड़ताल पर चले गए थे. इस दौरान नगर निकायों का कामकाज प्रभावित रहा.
मंत्री के आश्वासन के बाद खत्म हुई हड़ताल
बिहार अर्बन सर्विस एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल और मंत्री नीतीश मिश्रा के बीच हुई बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी. मंत्री ने अधिकारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और कहा कि उनकी सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकता है.
सरकार की ओर से सकारात्मक रुख दिखाए जाने के बाद अधिकारियों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया. इसके बाद 160 से अधिक कार्यपालक अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से काम पर लौटने का फैसला हुआ.
विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दिया आश्वासन
बैठक के दौरान मंत्री ने सभी जिलाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर नगर निकाय अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं.
निर्देश के अनुसार निकाय क्षेत्रों में सशस्त्र गृह रक्षकों (होमगार्ड) की प्रतिनियुक्ति की जाएगी. साथ ही नगर आयुक्तों और कार्यपालक पदाधिकारियों के शस्त्र अनुज्ञप्ति (आर्म्स लाइसेंस) संबंधी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाएगा.
फर्जी शिकायतों पर लगेगी रोक
अधिकारियों को भू-माफियाओं और फर्जी शिकायतों से बचाने के लिए सरकार एक पारदर्शी मानक संचालन प्रक्रिया लागू करने जा रही है. इसके तहत बिना शपथ पत्र के किसी भी शिकायत की जांच नहीं की जाएगी.
अगर कोई व्यक्ति झूठी शिकायत करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. साथ ही माफियाओं के दबाव की शिकायत मिलने पर तुरंत कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
जनता के हित में वापस लिया आंदोलन
संघ ने कहा कि विभाग द्वारा सुरक्षा संबंधी मांगों को पूरा करने और शेष समस्याओं के शीघ्र समाधान का सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया है.
शहीद का दर्जा और मुआवजे की मांग
एसोसिएशन ने दिवंगत अधिकारियों को शहीद का दर्जा देने, उनके परिवारों को 2-2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने और आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी देने की मांग भी रखी है.
सरकार ने इन मांगों पर नियमानुसार जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है. साथ ही दोनों अधिकारियों के हत्यारों को सख्त सजा दिलाने के लिए एसआईटी का गठन भी किया गया है.
एक महीने का अल्टीमेटम
बिहार नगर सेवा संघ के महासचिव अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि यदि सरकार एक महीने के भीतर संघ की सभी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करती है तो सभी अधिकारी और कर्मचारी दोबारा हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे.
उन्होंने बताया कि इस निर्णय की सूचना सभी जिलाधिकारियों, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव, विभागीय मंत्री तथा मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई है.
श्रद्धांजलि के साथ खत्म हुई बैठक
आपात बैठक के अंत में सभी अधिकारियों ने दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान माहौल भावुक भी रहा और सभी ने मिलकर उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.
फिलहाल हड़ताल खत्म होने से नगर निकायों के कामकाज में फिर से रफ्तार आने की उम्मीद है, लेकिन अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम और 31 अगस्त की डेडलाइन पर टिकी हुई है.
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