Vande Bharat Express: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है. अब देश की आधुनिक ट्रेनों अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर में भी इमरजेंसी कोटा यानी आपातकालीन बर्थ की व्यवस्था कर दी गई है. पहले इन ट्रेनों में सिर्फ महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और ड्यूटी पास कोटा ही लागू था. इमरजेंसी या आरएसी की सुविधा नहीं थी.
यात्रियों की मांग बढ़ने के बाद रेलवे बोर्ड ने नियमों में बदलाव कर दिया. नए आदेश के मुताबिक अब इन ट्रेनों में कुछ सीटें खास तौर पर आपात स्थिति के लिए सुरक्षित रहेंगी. अमृत भारत ट्रेनों में सात या उससे ज्यादा स्लीपर कोच हैं. अब 24 बर्थ इमरजेंसी कोटे के तहत रखी जाएंगी.
वर्किंग डेज और वीकेंड के लिए अलग-अलग व्यवस्था बनाई गई
वंदे भारत स्लीपर में वर्किंग डेज और वीकेंड के लिए अलग-अलग व्यवस्था बनाई गई है. फर्स्ट एसी में कामकाजी दिनों में 4 और वीकेंड पर 6 बर्थ सुरक्षित रहेंगी. सेकंड एसी में वर्किंग डेज पर 20 और वीकेंड में 30 बर्थ आरक्षित होंगी. थर्ड एसी में सामान्य दिनों में 24 और वीकेंड पर 42 बर्थ इमरजेंसी कोटे में रहेंगी.
इस फैसले से उन यात्रियों को राहत मिलेगी जिन्हें अचानक सफर करना पड़ता है. परिवार में बीमारी, आपात स्थिति या किसी जरूरी सरकारी काम के कारण. पहले इन प्रीमियम ट्रेनों में आखिरी समय पर टिकट मिलना लगभग नामुमकिन था. अब जरूरतमंद लोगों को कुछ हद तक सहूलियत मिलेगी. रेलवे ने जोनल रेलवे को यह अधिकार भी दिया है कि वे समय-समय पर मांग के अनुसार कोटे की समीक्षा कर बदलाव कर सकें.
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कई ट्रेनें लेट
दूसरी ओर नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण कई ट्रेनों की टाइमिंग गड़बड़ा गई. बेतिया और कुमारबाग स्टेशनों के बीच चल रहे काम की वजह से रूट डायवर्जन और ब्लॉक लिया गया. इससे ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ी. आनंद विहार से आने वाली सप्तक्रांति एक्सप्रेस करीब तीन घंटे 40 मिनट लेट पहुंची. डाउन सप्तक्रांति भी तीन घंटे से ज्यादा देर से चली.
गोरखपुर-पाटलिपुत्र वंदे भारत एक्सप्रेस भी तय समय से करीब ढाई घंटे देरी से स्टेशन पहुंची. अवध एक्सप्रेस समेत कई अन्य ट्रेनें भी प्रभावित रहीं. यात्रियों को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस रूट पर जल्द ही सीआरएस निरीक्षण और स्पीड ट्रायल होना है. इसके बाद संचालन सामान्य होने की उम्मीद है.
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