Electricity In Bihar: बिहार में ऊर्जा के क्षेत्र में 78,000 करोड़ रुपए निवेश को लेकर ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है. राज्य के ऊर्जा सचिव की अध्यक्षता में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रतिनिधिमंडल के साथ ऊर्जा विभाग के अफसरों और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई.
बैठक में बनाई ये योजना
बैठक में बताया गया कि बिहार में 2026 से 2031 के बीच बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण में 78,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना बनाई जा रही है. ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के सीएमडी और ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने विश्वास जताया. उन्होंने कहा, बिहार अगले पांच सालों में एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा.
यह भी बताया कि ड्रोन आधारित और एआई-चालित प्रणालियों में और सुधार की योजना है. उन्होंने निवेशक समुदाय को आश्वासन दिया कि बीएसपीएचसीएल और इसकी सहायक कंपनियां हर निवेशक के साथ टीम के रूप में कार्य करेंगी. बताया कि बिहार का बिजली क्षेत्र 2022-23 से डिस्कॉम और बीएसपीटीसीएल के लाभदायक बनने के साथ एक मजबूत निवेश गंतव्य में परिवर्तित हो चुका है.
राजस्व संग्रह 2020 के 8,598 करोड़ रुपए से बढ़कर 2024-25 में 17,115 करोड़ रुपए हो गया, जबकि एटी एंड सी हानि 35.12% से घटकर 15.54% रह गई. पिछले 10 साल में 75,000 करोड़ रुपए से अधिक निवेश किया गया है, जिसकी वजह से चरम मांग वित्तीय वर्ष 2013 के 1,802 मेगावाट से बढ़कर 2025 में 8,752 मेगावाट हो गई.
कार्यक्रम में ये सभी रहे शामिल
बैठक के दौरान ऊर्जा सचिव ने सीआईआई प्रतिनिधिमंडल के सामने बिहार में बिजली क्षेत्र के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप का फ्रेमवर्क दिखाया. कार्यक्रम में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अधिकारी शामिल रहे. इसके अलावा सीआईआई प्रतिनिधिमंडल और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में देश की शीर्ष कंपनियों के 17 प्रतिनिधि शामिल रहे.
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