Patna News : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में नदवां के महादलित टोले के किसी बुजुर्ग व्यक्ति के हाथों तिरंगा फहराए जाने की संभावना है. मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम को लेकर बुधवार को पटना के डीएम कुंदन कुमार, एसएसपी कार्तिकेय कुमार और विधानसभा के मुख्य सचेतक सह मसौढ़ी विधायक अरुण मांझी ने नदवां पहुंचकर संभावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया.
विद्यालय और आसपास के इलाके का लिया जायजा
अधिकारियों ने माध्यमिक विद्यालय नदवां और उसके आसपास के इलाके का बारीकी से जायजा लिया. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, मंच, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियों को लेकर अधिकारियों के बीच चर्चा हुई. संभावित कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियों को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है.
हालांकि, मुख्यमंत्री का कार्यक्रम अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है. मसौढ़ी एसडीओ धनराज कुमार ने बताया कि 15 अगस्त को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की संभावना है, लेकिन अभी कार्यक्रम को अंतिम रूप नहीं दिया गया है. नदवां के अलावा जिले के कुछ अन्य स्थानों को भी संभावित कार्यक्रम स्थल के रूप में देखा गया है. गुरुवार तक कार्यक्रम को लेकर अंतिम निर्णय होने की उम्मीद है.
महादलितों को सम्मान देने की पहल
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में स्थानीय बुजुर्ग महादलित के हाथों ध्वजारोहण कराने की परंपरा का उद्देश्य समाज के इस वर्ग को सम्मान और बराबरी का एहसास दिलाते हुए उसे मुख्यधारा से जोड़ना है. यह परंपरा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में शुरू हुई थी.
इसके तहत 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर मुख्यमंत्री महादलित टोले में पहुंचकर वहां के किसी बुजुर्ग महादलित के हाथों राष्ट्रीय ध्वज फहरवाते रहे हैं. यह आयोजन केवल ध्वजारोहण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सामाजिक सम्मान, समानता और सहभागिता का संदेश भी देता है.
अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर की चर्चा
मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. निरीक्षण के दौरान मसौढ़ी एसडीओ धनराज कुमार, डीएसपी कन्हैया कुमार, धनरुआ बीडीओ अलीशा कुमारी, सीओ, थानाध्यक्ष अमित कुमार, नदवां मुखिया शंकर कुमार सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे.
ग्रामीणों में भी बढ़ा उत्साह
मुख्यमंत्री के संभावित आगमन की खबर से नदवां के ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है. ग्रामीण भी संभावित कार्यक्रम को लेकर तैयारियों और प्रशासनिक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं. कार्यक्रम स्थल का अंतिम चयन और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि गुरुवार तक होने की संभावना है.
