22921 सरकारी स्कूलों में अभी तक शिक्षा और प्रबंधन समितियों का नहीं हुआ गठन

राज्य के 22921 सरकारी स्कूलों में अभी तक विद्यालय शिक्षा समिति/ स्कूल मैनेजमेंट एंड डवलपमेंट कमेटी (एसएमडीसी) का गठन नहीं हो सका है

संवाददाता,पटना

राज्य के 22921 सरकारी स्कूलों में अभी तक विद्यालय शिक्षा समिति/ स्कूल मैनेजमेंट एंड डवलपमेंट कमेटी (एसएमडीसी) का गठन नहीं हो सका है. इसकी वजह से सरकारी स्कूलों के प्रबंधन में तमाम तकनीकी बाधाएं खड़ी हो गयी हैं. विद्यालय शिक्षा समिति कक्षा एक से आठ वीं तक के स्कूल में गठित होती हैं. वहीं स्कूल मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट कमेटी कक्षा नौ से 12 वीं तक के स्कूल में गठित होती है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार राज्य में कक्षा एक से आठ वीं तक के कुल 66963 स्कूल हैं. इनमें से केवल 47640 स्कूलों में ही शिक्षा समिति गठित की गयी हैं. इस तरह 19323 मिडिल स्कूलों में इन समितियों का गठन किया जाना बाकी है. राज्य के कुल 11047 उच्च माध्यमिक स्कूलों में से केवल केवल 7449 स्कूलों में स्कूल मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट कमेटी हैं. 3598 स्कूल में इन कमेटियों का गठन किया जाना है. इन समितियों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि केवल पूर्वी चंपारण, शेखपुरा , गोपालगंज, पश्चिम चंपारण और सीवान ही वे जिले हैं, जहां करीब-करीब शतप्रतिशत शिक्षा व मैनेजमेंट समितियां गठित हो चुकी हैं. कैमूर(भभुआ) में सबसे कम केवल 6.43 प्रतिशत स्कूलों में समितियों का गठन हुआ है. इसी तरह कटिहार में 9.16 % , नवादा में 18.28 %, खगड़िया में 18.87 %, पूर्णिया में 25.23 %, बक्सर में 25.87 %, बांका में 37.14 % और समस्तीपुर के कुल स्कूलों में 43.98 % में ही शिक्षा समितियां या मैनेजमेंट कमेटियां गठित हो सकी हैं. आधिकारिक जानकारी के अनुसार इन कमेटियों का स्कूल के प्रबंधन में विशेष भूमिका होती है. इन सदस्यों के सबसे अहम वित्तीय अधिकार होते हैं. लिहाजा समितियों के गठन न होने से कॉलेजों के सीधे तौर पर विकास कार्य प्रभावित होते हैं.

वर्जन

आठ दिन के अंदर समितियां गठित करने के आदेश

शिक्षा विभाग इस मामले में एक्शन ले रहा है. आठ दिन के अंदर सभी स्कूलों में शिक्षा समितियों के गठन के निर्देश उच्चाधिकारियों ने जारी कर दिये हैं. शिक्षा समिति और मैनेजमेंट डेवलपमेंट कमेटियों के सदस्यों की ट्रेनिंग के लिए मॉड्यूल तैयार कर लिये हैं. सभी समितियों को सक्रिय किया जा रहा है.

उज्जवल कुमार, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी बिहार शिक्षा परियोजना परिषद

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