Patna GST New E-Bill : पटना. देशभर के लाखों कारोबारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क यानी जीएसटीएन (GST) ने 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले ई-वे बिल सिस्टम में प्रस्तावित बदलावों को फिलहाल टाल दिया है. साफ तौर पर कहा गया है कि अगली सूचना जारी होने तक मौजूदा व्यवस्था ही लागू रहेगी और किसी तरह के तकनीकी बदलाव की जरूरत नहीं है. इस फैसले से व्यापार और उद्योग जगत ने राहत की सांस ली है.
जीएसटीएन (GST) ने 29 जुलाई 2026 को जारी परामर्श संख्या 668 के जरिए यह जानकारी दी. इसमें स्पष्ट किया गया कि करदाता, ट्रांसपोर्टर, ईआरपी सिस्टम से जुड़े लोग, सॉफ्टवेयर कंपनियां, जीएसटी सुविधा प्रदाता और एपीआई से जुड़े सभी पक्ष फिलहाल अपने सिस्टम में कोई बदलाव न करें. यानी जिन कंपनियों ने नए नियमों के अनुसार तैयारी शुरू कर दी थी, उन्हें अभी उसे लागू करने की जरूरत नहीं है.
पुराने निर्देश भी वापस लिए जाएंगे
जीएसटीएन ने यह भी साफ कर दिया है कि 9 जून और 17 जून 2026 को जारी किए गए पुराने परामर्श और 2 जुलाई 2026 को जारी एफएक्यू को वापस लिया जाएगा. इसका मतलब यह है कि फिलहाल पूरी प्रक्रिया पुराने नियमों के अनुसार ही चलेगी. जब तक नई गाइडलाइन जारी नहीं होती, तब तक ई-वे बिल सिस्टम में कोई बदलाव नहीं होगा.
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब कारोबारी वर्ग इन नए नियमों को लेकर काफी असमंजस में था. कई कंपनियां और उद्योग अपने सॉफ्टवेयर और तकनीकी सिस्टम में बदलाव करने में जुटे थे, ताकि 1 अगस्त से नए नियमों को लागू किया जा सके.
प्रस्तावित बदलाव क्या थे
दरअसल, 1 अगस्त से ‘बिल-टू और शिप-टू’ लेनदेन में ‘शिप-टू जीएसटीआईएन’ को अनिवार्य रूप से दर्ज करना जरूरी किया जाना था. इसके अलावा ई-वे बिल को स्वेच्छा से बंद करने यानी वॉलंटरी क्लोजर जैसी सुविधा भी लागू की जानी थी. इन बदलावों को लेकर उद्योग जगत पिछले कई हफ्तों से तैयारी में लगा हुआ था.
लेकिन कई व्यापारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने इन बदलावों को लेकर व्यावहारिक दिक्कतों की ओर ध्यान दिलाया था. खासकर छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए यह बदलाव तुरंत लागू करना आसान नहीं था.
विशेषज्ञों ने बताया राहत भरा फैसला
वरीय चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश खेतान का कहना है कि जीएसटीएन का यह निर्णय फिलहाल व्यापारियों के लिए राहत लेकर आया है. उन्होंने कहा कि अभी कारोबारियों को किसी नए नियम के अनुसार सिस्टम अपडेट करने या नई प्रक्रिया अपनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह राहत अस्थायी है और आगे जीएसटीएन की नई अधिसूचना आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी. ऐसे में सभी संबंधित पक्षों को अब अगली गाइडलाइन का इंतजार करना होगा.
फिलहाल इस फैसले से बाजार में स्थिरता बनी रहेगी और कारोबारी बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपने कामकाज को जारी रख सकेंगे.
