पटना से आनंद सिंह कौशिक की रिपोर्ट
Patna News : ड्रोन से बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच बिहार के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जायेगा. पटना, दरभंगा और गया एयरपोर्ट के साथ बाढ़ स्थित एनटीपीसी जैसे संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) अब ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक को और प्रभावी बनाने की तैयारी में जुट गया है. इसके लिए सीआइएसएफ और ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (DFI) के बीच नयी दिल्ली स्थित सीआइएसएफ मुख्यालय में समझौता हुआ है.
ड्रोन की हर गतिविधि पर नजर, जवानों को मिलेगी खास ट्रेनिंग
एमओयू के तहत सीआइएसएफ के आरटीसी बहरोड़ को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जायेगा. यहां जवानों को संदिग्ध ड्रोन की पहचान, उसकी ट्रैकिंग, जवाबी कार्रवाई और फोरेंसिक जांच से जुड़ी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जायेगा. इससे संवेदनशील प्रतिष्ठानों के आसपास ड्रोन गतिविधियों से उत्पन्न संभावित खतरे से निपटने में सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ेगी.
एयरपोर्ट और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर खास फोकस
बिहार में एयरपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को देखते हुए इस पहल को अहम माना जा रहा है. ड्रोन के जरिये निगरानी या अन्य गतिविधियों की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही हैं. नयी व्यवस्था के तहत सुरक्षा बलों को ड्रोन की पहचान से लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई तक की प्रक्रिया में दक्ष बनाया जायेगा.
काउंटर-ड्रोन सिस्टम की तैनाती के लिए बनेगी एसओपी
एमओयू के तहत काउंटर-ड्रोन सिस्टम की तैनाती के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जायेगी. इसके अलावा पायलट प्रोजेक्ट, संयुक्त अभ्यास और रेड-टीमिंग एक्सरसाइज भी आयोजित की जायेंगी. इन अभ्यासों के माध्यम से वास्तविक परिस्थितियों में ड्रोन खतरे से निपटने की सुरक्षा तैयारियों को परखा जायेगा.
CISF और DFI के बीच हुआ समझौता
समझौते पर सीआइएसएफ की ओर से डीआइजी सह एमपीआरटीसी बहरोड़ के प्रिंसिपल डॉ. सीडी नायक और ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष स्मित शाह ने हस्ताक्षर किये. इस दौरान सीआइएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन, एडीजी उत्तर सुधीर कुमार और एडीजी मुख्यालय विजय प्रकाश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
इस पहल के बाद बिहार के महत्वपूर्ण एयरपोर्ट और एनटीपीसी जैसे प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में ड्रोन और काउंटर-ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को नया तकनीकी आधार मिलने की उम्मीद है.
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