कैंपस : अनुमंडल की बाध्यता समाप्त करने की मांग को लेकर शनिवार को जिला मुख्यालयों पर शिक्षक मनायेंगे प्रतिवाद दिवस

स्थानांतरण और पदस्थापन नीति के लिए जारी नियमावली व मार्गदर्शिका पर शिक्षकों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गयी है

संवाददाता, पटना स्थानांतरण और पदस्थापन नीति के लिए जारी नियमावली व मार्गदर्शिका पर शिक्षकों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गयी है. टीइटी एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ ने वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से शिक्षकों का पक्ष जाना. बैठक में उपस्थिति शिक्षक प्रतिनिधियों ने इसे छलावा और अन्यायपूर्ण नीति करार दिया है. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय पारित किया गया कि संगठन इस नियमावली के जरिये शिक्षकों के ऊपर थोपी जा रही जबरन स्थानांतरण नीति का विरोध करेगा. संघ के प्रदेश अध्यक्ष मार्कंडेय पाठक व प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने बताया कि सक्षमता परीक्षा लेते वक्त बिहार सरकार ने शिक्षकों से वादा किया था कि उन्हें नजदीक के दस से पंद्रह किलोमीटर के अंदर पदस्थापन किया जायेगा. लेकिन इसके उलट उन्हें आवंटित जिले से बाहर करने की साजिश हो रही है. जिसके कारण बिहार के लाखों शिक्षक स्वयं को छला हुआ महसूस कर रहे हैं. संघ की ओर से विभाग व मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया गया है. अगर जल्द ही इस नीति में बदलाव कर गृह अनुमंडल से बाहर 10 अनुमंडल की जगह गृह प्रखंड के बाहर 10 प्रखंड का ऑप्शन नहीं होता है, तो बुधवार को विभिन्न सोशल साइट पर विरोध दर्ज होगा. उसके बाद नौ नवंबर शनिवार को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन कर प्रतिवाद दिवस मनाया जायेगा. मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो संघ न्यायालय की शरण में जाने को बाध्य होगा. बैठक का संचालन प्रदेश महासचिव शाकिर इमाम ने किया. बैठक में इनके अतिरिक्त प्रदेश सचिव अमित कुमार, नजीर हुसैन, हिमांशु मिश्रा,उपाध्यक्ष, मुकेश कुमार, बसंत कुमार सिंह, जयप्रकाश सिंह, मीडिया प्रभारी सोनू मिश्रा समेत 30 जिले के जिलाध्यक्ष व महासचिव, कोषाध्यक्ष आदि ने भाग लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >