Patna News: दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड परियोजना के तहत विश्वम्भरपुर गांव के पास बन रहे नाला की पानी निकासी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. बुधवार को पिलर संख्या-9 के समीप निर्माण कंपनी की ओर से नाला से संबंधित कार्य शुरू कराया जा रहा था. इसी दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने पानी की निकासी को लेकर आपत्ति जताते हुए विरोध शुरू कर दिया. ग्रामीणों ने डायल-112 पर सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और निर्माण कार्य कुछ देर के लिए रोक दिया गया.
जिलाधिकारी से लेकर थानाध्यक्ष तक को दिया आवेदन
ग्रामीण चंद्रशेखर सिंह ने इस मामले को लेकर पहले ही पटना के जिलाधिकारी, दानापुर अनुमंडल पदाधिकारी, बिहटा अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष और निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को लिखित आवेदन देकर आपत्ति दर्ज करायी है.
आवेदन में उन्होंने कहा है कि विश्वम्भरपुर स्थित उनकी रैयती भूमि पर मार्केट और आवासीय मकान है. उनका आरोप है कि निर्माणाधीन नाला का पानी उनके परिसर के सामने से निकाले जाने की योजना है, जिससे जलजमाव और गंदगी की समस्या उत्पन्न होगी. उनका कहना है कि इससे न केवल उनके परिवार बल्कि आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
निजी भूमि के उपयोग का विरोध
चंद्रशेखर सिंह के छोटे भाई हरि प्रसाद सिंह ने बताया कि एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा उन्हें मिल चुका है. हालांकि अब नाला के पानी की निकासी उनके बचे हुए निजी भूखंड की ओर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका वे पिछले कई महीनों से विरोध कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि उन्हें सड़क निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बिना सहमति निजी जमीन का उपयोग करना उचित नहीं है. उनका कहना है कि जब तक इस विवाद का समाधान नहीं हो जाता, तब तक संबंधित स्थान पर नाला निर्माण का कार्य नहीं होने दिया जाएगा.
जलभराव की आशंका से ग्रामीण चिंतित
ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांव का पानी सड़क के उत्तर दिशा में बने नाले के माध्यम से सरकारी गड्ढे में जाता था. ऐसे में नई व्यवस्था के तहत यदि पानी की निकासी निजी भूमि की ओर की जाती है तो भविष्य में जलभराव और स्वच्छता की समस्या बढ़ सकती है. इसी आशंका को देखते हुए उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर उचित समाधान निकालने की मांग की है.
प्रशासन और कंपनी की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में निर्माण कंपनी और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी. कंपनी या प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा.
