Cyber Fraud : राजधानी पटना में IPO में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच धनरूआ के नौडीहा गांव निवासी सुधाकर कुमार को महंगा पड़ गया. साइबर ठगों ने पहले WhatsApp पर संपर्क किया, फिर उन्हें एक ग्रुप में जोड़कर निवेश का भरोसा दिलाया. इसके बाद एक ऐप डाउनलोड करवाकर अलग-अलग किस्तों में कुल 4.45 लाख रुपये जमा करा लिये. जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने और पैसे जमा करने का दबाव बनाया. इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ.
महिला के मैसेज से शुरू हुआ पूरा खेल
सुधाकर कुमार के WhatsApp पर 'रिया अयर' नाम की महिला के नंबर से मैसेज आया था. बातचीत के बाद उन्हें एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ दिया गया. बताया गया कि ग्रुप का संचालन एंड्रयू वेल और उसकी असिस्टेंट रिया अयर कर रहे हैं. ग्रुप में निवेश से जुड़े आकर्षक ऑफर और बेहतर रिटर्न का झांसा देकर धीरे-धीरे सुधाकर का भरोसा जीत लिया गया.
लिंक भेजकर डाउनलोड कराया ऐप
भरोसा कायम होने के बाद साइबर ठगों ने सुधाकर को एक लिंक भेजा और 'फिडेलिटी डिमेट अकाउंट' नाम का ऐप डाउनलोड कराया. ऐप पर अकाउंट खुलवाने के बाद उनसे शुरुआती तौर पर 10 हजार रुपये जमा कराये गये. इसके बाद IPO में निवेश और बेहतर रिटर्न का लालच देकर कभी छोटी तो कभी बड़ी रकम जमा करायी जाती रही.
4.45 लाख जमा होने के बाद खुला राज
पीड़ित के अनुसार, अलग-अलग चरणों में उनसे कुल 4.45 लाख रुपये जमा करा लिये गये. जब उन्होंने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की, तो साइबर ठगों ने निकासी के बजाय उनसे और रकम जमा करने को कहा. इसी दौरान सुधाकर को पूरे मामले में धोखाधड़ी का शक हुआ.
NCRB पोर्टल पर शिकायत, साइबर थाना पुलिस ने शुरू की जांच
ठगी का एहसास होने के बाद सुधाकर कुमार ने NCRB पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायी. इसके साथ ही साइबर थाने में लिखित शिकायत दी. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस साइबर ठगी में इस्तेमाल किये गये नंबर, WhatsApp ग्रुप, ऐप और पैसों के लेन-देन से जुड़े विवरण की जांच कर रही है.
