Patna child kidnapping: पटना के एडीजे-31 की अदालत ने दो नाबालिग बच्चों के अपहरण और बर्बरतापूर्ण हत्या के मामले में अभियुक्त को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने दोषी पर 1.10 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया गया है.
गोपालपुर थाना कांड से जुड़ा है मामला
अपर लोक अभियोजक त्रिलोकी प्रसाद यादव ने बताया कि मामला गोपालपुर थाना कांड संख्या 115/2024 से संबंधित है. इस मामले में धनरूआ थाना क्षेत्र के बलवा पर निवासी गणेश कुमार को आरोपी बनाया गया था.
दो बच्चों का किया था अपहरण
अभियोजन के अनुसार 6 मार्च 2024 को अभियुक्त ने अखिलेश कुमार के तीन वर्षीय पुत्र ऋषभ और अरुण प्रसाद के 12 वर्षीय पुत्र कुणाल का अपहरण कर लिया था. अपहरण के बाद दोनों बच्चों की निर्मम हत्या कर दी गई और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को छिपा दिया गया था.
रंजिश में की गई थी वारदात
जांच में सामने आया कि अभियुक्त बच्चों के परिवार के घर में किरायेदार के रूप में रहता था. मकान खाली कराए जाने से वह नाराज था और इसी रंजिश में उसने दोनों बच्चों को निशाना बनाया. बदला लेने की नीयत से बच्चों का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई.
आठ गवाहों की हुई गवाही
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों की गवाही कराई गई. साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 364 और 201 के तहत दोषी पाया.
अदालत ने सुनाई उम्रकैद
उभय पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 1.10 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
