जिले के सरकारी स्कूल तैयार करेंगे मैगजीन, बच्चे खुद करेंगे संपादन

जिले के माध्यमिक विद्यालयों में पढ़नेवाले बच्चों के लिए एक रचनात्मक पहल के माध्यम से किताबों की पढ़ने की आदत विकसित करने की कवायद शुरू कर दी गयी है

संवाददाता, पटना

जिले के माध्यमिक विद्यालयों में पढ़नेवाले बच्चों के लिए एक रचनात्मक पहल के माध्यम से किताबों की पढ़ने की आदत विकसित करने की कवायद शुरू कर दी गयी है. बच्चों में वैचारिक व तार्किक समझ को विकसित करने के साथ ही किताबों के प्रति रुचि बढ़ायेगी. इसके तहत विद्यार्थियों को किताब पढ़ने के लिए प्रेरित किया जायेगा. प्रत्येक माध्यमिक स्कूलों की ओर से मैगजीन तैयार करायी जायेगी. इस मैगजीन का संपादन बच्चों द्वारा ही किया जायेगा. बच्चों में लेखन की क्षमता और सृजनशीलता को बढ़ाने के उद्देश्य से इसे लागू किया जायेगा. इसके साथ ही बच्चों को रचनात्मक बुकमार्क बनाने के लिए प्रेरित किया जायेगा और बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया जायेगा. इसके साथ ही शिक्षकों को भी बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए किताबों पर चर्चा करने, कहानियां लिखने और किताब पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित करने को कहा गया है.

पाठ्यक्रम के अलावा साहित्य की किताबें करायी जायेगी मुहैया

इसके साथ ही जिले के सभी विद्यालयों में पुस्तकालयों को भी विकसित किया जायेगा. स्कूलों में बच्चों के पढ़ने के लिए पाठ्यक्रम के अलावा साहित्य व सामान्य ज्ञान की किताबें भी मुहैया करायी जायेगी. स्कूलों को मुहैया करायी जाने वाली किताबों में कहानी, उपन्यास, जीवनी और प्रेरणादायी साहित्य भी शामिल होगी. स्कूली बच्चों द्वारा इन किताबों का सारांश विद्यालय की चेतना सत्र में प्रस्तुत किया जायेगा. इसमें सर्वाधिक किताबें पढ़ने वाले छात्र को प्रशंसा पत्र भी दिया जायेगा. जिला शिक्षा कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AMBER MD

AMBER MD is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >