Chhath Puja : छठ की तैयारी पटना में शुरू, 13.91 करोड़ की लागत से सजेंगे घाट, आज से वाटर लेवल जांच का काम शुरू

Chhath Puja : गंगा किनारे घाटों पर हलचल शुरू हो गई है. सफाईकर्मी जुट चुके हैं, मशीनें लग चुकी हैं और पटना नगर निगम ने कमर कस ली है. महापर्व छठ में अब कुछ ही दिन बचे हैं और इसी के साथ घाटों को संवारने का बड़ा अभियान भी शुरू हो गया है.

Chhath Puja: छठ पूजा को लेकर पटना में तैयारियों का दौर तेजी से शुरू हो गया है. इस साल नगर निगम ने घाटों की सफाई, निर्माण और सजावट पर 13 करोड़ 91 लाख रुपये से अधिक खर्च करने की योजना बनाई है. 91 गंगा घाटों और 62 तालाबों को व्रतियों के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि महापर्व के दौरान श्रद्धालु सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में अर्घ्य दे सकें. निगम ने वाटर लेवल जांच से लेकर घाटों की मरम्मत, रोशनी और सुरक्षा तक का पूरा खाका तैयार कर लिया है.

गंगा घाटों पर सफाई और सजावट की बड़ी मुहिम

नगर निगम ने इस बार घाटों की सफाई और सजावट को लेकर पहले से ही जोर-शोर से काम शुरू कर दिया है. निगम आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर के निर्देश पर सभी प्रमुख घाटों पर सफाई का विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जो छठ के दूसरे अर्घ्य तक जारी रहेगा.

कलेक्ट्रेट घाट से लेकर राजा घाट, गांधी घाट, कंगन घाट और गाय घाट तक सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं. अतिरिक्त 10 सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई है और हर वार्ड में एक नोडल अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है. चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नियमित रूप से किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित माहौल मिल सके.

लाइटिंग और सौंदर्यीकरण में होगा बड़ा खर्च

नगर निगम की योजना के अनुसार घाटों की साज-सज्जा और लाइटिंग का काम पहले अर्घ्य से पहले पूरा कर लिया जाएगा. रात के समय अर्घ्य देने आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जा रही है. रंग-बिरंगी लाइटों और झिलमिल सजावट से गंगा घाटों को उत्सव जैसा रूप देने की तैयारी है.

नहाय-खाय के दिन तक सभी घाटों को अंतिम रूप देने का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि व्रती बिना किसी असुविधा के पूजा-अर्चना कर सकें. गंगा का जलस्तर इस समय ऊंचा है, इसलिए नगर निगम सुरक्षा के विशेष इंतजामों पर ध्यान दे रहा है. कई घाटों को खतरनाक की सूची में डालकर वहां बैरिकेडिंग और चौकसी बढ़ाई जा रही है.

आज से वाटर लेवल जांच और सुरक्षा व्यवस्था शुरू

घाटों की मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है. आज से सभी घाटों का वाटर लेवल चेक करने का काम शुरू हो गया है. इसका उद्देश्य है समय रहते कमजोर और खतरनाक घाटों की पहचान करना और मरम्मत कार्य को पूरा करना.

गंगा का बढ़ा जलस्तर इस बार प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है. कई जगहों पर घाटों के किनारे पानी तेजी से चढ़ा हुआ है. इसलिए नगर निगम और प्रशासन घाटों पर सुरक्षा घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड और रैलिंग की व्यवस्था कर रहे हैं, ताकि भीड़ के समय दुर्घटनाओं से बचा जा सके.

नुक्कड़ नाटक से स्वच्छता का संदेश

छठ पर्व पर गंगा घाटों पर स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए भी पहल की गई है. गांधी घाट, कंगन घाट और गाय घाट समेत कई जगहों पर नुक्कड़ नाटक और भजन संध्या का आयोजन होगा. नुक्कड़ नाटक का विषय रखा गया है— “गंगा मां पुकार रही है, प्लास्टिक हटाओ गंगा बचाओ.” इस अभियान का उद्देश्य श्रद्धालुओं को यह संदेश देना है कि पर्व के दौरान घाटों पर प्लास्टिक और कचरा न फैलाएं, ताकि गंगा का जल स्वच्छ बना रहे.

22 दिन में पूरा होगा काम, प्रशासन ने बढ़ाई रफ्तार

छठ पर्व में अब महज 22 दिन बाकी हैं. ऐसे में नगर निगम ने अपनी गति तेज कर दी है. सफाई से लेकर सजावट, सुरक्षा और जागरूकता तक हर पहलू पर प्रशासनिक तैयारी जोरो पर है. नगर निगम का लक्ष्य है कि इस बार घाटों को पहले से ज्यादा व्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक बनाया जाए, ताकि लाखों व्रती और श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के महापर्व में शामिल हो सकें.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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