पटना म्यूजियम में चाणक्य इस तरह देंगे लोगों के सवाल का जवाब, सीएम नीतीश ने किया नए भवन का उद्घाटन

Patna Museum: आज से पटना म्यूजियम नए लुक में दिखेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नए बिल्डिंग का उद्घाटन कर दिया है. इस दौरान उन्होंने बिहार संग्रहालय का निरीक्षण भी किया. साथ ही बिहार संग्रहालय के पास निर्माणाधीन टनल का काम जल्द ही पूरा कर लेने के आदेश दिए.

Patna Museum: पटना म्यूजियम आज से नए लुक में लोगों को दिखेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नए भवन का उद्घाटन कर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि, पटना संग्रहालय को अपग्रेड और इसका विस्तार बेहतर ढंग से किया जा रहा है. यह पुराना संग्रहालय है. यहां पर कई महत्वपूर्ण पुरातात्विक और ऐतिहासिक चीजें रखी गई है. उनका रखरखाव और बेहतर ढंग से हो इसलिए भवन का विस्तारीकरण किया गया है. गंगा गैलरी, पाटली गैलरी और प्रेक्षा गृह अच्छा बना है. लोग यहां आकर इसे देख सकते हैं और कई अहम जानकारियां ले सकते हैं.

2017 में ही बिहार सरकार ने की थी कल्पना

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पटना संग्रहालय के पूरे परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए. जानकारी के मुताबिक, बिहार सरकार ने 2017 में ही पुराने पटना संग्रहालय के विस्तार की कल्पना की थी. यह बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसे कला, संस्कृति और युवा विभाग और भवन निर्माण विभाग द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है. इस संग्रहालय के नए भवन का निर्माण पुराने वास्तुकला शैली को ध्यान में रखते हुए किया गया है. नए बिल्डिंग में तीन ब्लॉक शामिल हैं, जो आपस में जुड़े हुए हैं.

105 लोगों के बैठने की क्षमता

नए बिल्डिंग के दक्षिणी ब्लॉक के प्रवेश द्वार पर कैफेटेरिया, स्वागत रूम, कार्यक्रम रूम, अस्थायी दीर्धा प्रदर्शनी क्षेत्र और 105 लोगों की बैठने की क्षमता वाला एक सभागार है. जबकि उत्तरी ब्लॉक में प्रशासनिक खंड है, जिसमें संग्रहालय कार्यालय, पटना संग्रहालय के विशाल संग्रह के लिए भंडार रूम, संरक्षण प्रयोगशाला और उपकरण रूम भी शामिल हैं. अत्याधुनिक सुविधा के साथ तीसरे ब्लॉक में 10,000 वर्ग फुट क्षेत्र में प्रदर्शित गंगा और पाटली गैलेरी है, जो संग्रहालय का मुख्य आकर्षण का केंद्र है.

आकर्षक है 20 करोड़ वर्ष पुराना जीवाश्म वृक्ष

इनके अलावा विभिन्न प्रकार के नृत्य कला जैसे झिझिया, जट जतिन, बिदेसिया और सोहर को आकृति और चित्रावली के माध्यम से दर्शाया गया है. विभिन्न प्रकार के चित्रकला जैसे मंजूषा, मधुबनी और टिकुली भी प्रदर्शित है. इसके साथ ही चिरांद और पांड़ जैसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल की कलाकृतियां शामिल हैं. इस दीर्घा का मुख्य आकर्षण 53 फीट लंबा जीवाश्म वृक्ष है जो 20 करोड़ वर्ष पुराना है. पाटली दीर्घा संग्रहालय का दूसरा भाग है, जो मगध क्षेत्र की उत्पत्ति और विकास को दर्शाती है.

एआई तकनीक से आचार्य चाणक्य देंगे जवाब

अगले भाग में पाणिनि के अष्टाध्यायी का प्रक्षेपण, वररुचि और कात्यायन जैसे विद्वानों की चित्रायली प्रदर्शित किया गया है. अंतिम भाग में मौर्य काल में पाटलिपुत्र को उसके पूर्ण वैभव में प्रदर्शित किया गया है. इसमें पुरातात्विक अवशेष, पूरे शहर का मॉडल और मेगस्थनीज और फाह्यान जैसे यात्रियों के कोटेशन के साथ प्रदर्शित किए गए हैं. इस भाग का विशेष आकर्षण चाणक्य का एआई प्रेरित होलोग्राफिक प्रोजेक्शन है जो लोगों को अर्थशास्त्र या जीवन के किसी भी पहलू से कोई भी प्रश्न पूछने पर जवाब मिलेगा.

निर्माणाधीन टनल का किया निरीक्षण

इस दौरान सीएम नीतीश ने बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय को जोड़ने वाली निर्माणाधीन टनल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की जानकारी ली. इस दौरान मुख्यमंत्री को बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने टनल से बिहार संग्रहालय में प्रवेश की व्यवस्था, पार्किंग, पर्यटकों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं आदि के संबंध में पूरी जानकारी दी.

जल्द कार्य पूरा करने के दिए आदेश

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टनल निर्माण का कार्य जल्द पूर्ण करें, जिससे बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय के दर्शक आसानी से एक जगह से दूसरी जगह जाकर सारी चीजों को देख सकें. उन्होंने कहा कि टनल का बेहतर ढंग से निर्माण कराएं ताकि इलेक्ट्रिक वाहन के साथ-साथ पैदल पर्यटक भी आसानी से पटना संग्रहालय और बिहार संग्रहालय आवागमन कर सकें. बिहार संग्रहालय अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया गया है. पटना संग्रहालय और बिहार संग्रहालय में बड़ी संख्या में पर्यटक आते रहते हैं. पटना संग्रहालय और बिहार संग्रहालय के बीच टनल निर्माण कार्य पूर्ण होने से पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी.

पार्किंग समेत होगी अन्य सुविधाएं

सीएम नीतीश ने यह भी आदेश दिया कि, यहां पार्किंग और अन्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था करें. इस निर्माणाधीन टनल के पास से नेहरू पथ के उस तरफ जाने के लिये जो ऊपरी पुल बनाया जाना है उसका निर्माण कार्य जल्द शुरू करें. साथ ही नेहरू पथ के उस तरफ एक पार्क का भी निर्माण करायें ताकि यहां आने वाले पर्यटक उसका आनंद उठा सकें.

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Author: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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