सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी में हैं कैरियर के अवसर

इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को तकनीकी नवाचार और भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं से रूबरू कराना था

संवाददाता, पटना

पटना वीमेंस कॉलेज के एआइ व मशीन लर्निंग (एआइ एंड एमएल) विभाग की ओर से सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी में उभरती प्रवृत्तियां विषय पर एक दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को तकनीकी नवाचार और भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं से रूबरू कराना था. कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष पूनम अब्राहम लाकरा के स्वागत संबोधन से हुई. उन्होंने मुख्य वक्ता डॉ बिभूति विक्रमादित्य (निदेशक, स्मार्टवे सॉल्यूशंस प्रा लि इनक्यूबेटर, आइआइटी पटना) का अभिनंदन करते हुए इस क्षेत्र की प्रासंगिकता पर जोर दिया. मुख्य वक्ता डॉ बिभूति विक्रमादित्य ने सेमीकंडक्टर तकनीक की मूलभूत अवधारणाओं और इसके ऐतिहासिक विकास के सफर को साझा किया.

स्वदेशी विनिर्माण का महत्व बताया

उन्होंने भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे सेमीकंडक्टर उद्योग आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में रीढ़ की हड्डी साबित हो रहा है. उन्होंने छात्राओं को इस क्षेत्र में उपलब्ध वैश्विक करियर और रोजगार के व्यापक अवसरों के प्रति प्रोत्साहित करते हुए स्वदेशी विनिर्माण के महत्व को रेखांकित किया. कार्यशाला के मुख्य आकर्षणों में शामिल रहा एक विशेष संवादात्मक व हैंड्स-ऑन सत्र, जहां छात्राओं ने सेमीकंडक्टर के वास्तविक अनुप्रयोगों को करीब से समझा. इस सत्र के माध्यम से छात्राओं को तकनीकी बारीकियों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ. इस कार्यशाला में विभाग के लगभग 100 छात्राओं ने भाग लिया. सत्र के अंत में फीडबैक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं ने इस अनुभव को शैक्षणिक व व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया.

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Author: JUHI SMITA

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