कैबिनेट के फैसले . लोस चुनाव के बाद पहली बैठक में 25 एजेंडों पर लगी मुहर

सात निश्चय के तहत राज्य में 54 एएनएम और 23 जीएनएम प्रशिक्षण संस्थानों के स्थापना की स्वीकृति दी गयी है. इसके निर्धारित मानकों के आलोक में पदों के सृजन की मंजूरी कैबिनेट ने दी है.

एएनएम और जीएनएम स्कूलों में 247 पदों की स्वीकृति, भू सर्वेक्षण कर्मियों को अवधि विस्तार

संवाददाता, पटना

सात निश्चय के तहत राज्य में 54 एएनएम और 23 जीएनएम प्रशिक्षण संस्थानों के स्थापना की स्वीकृति दी गयी है. इसके निर्धारित मानकों के आलोक में पदों के सृजन की मंजूरी कैबिनेट ने दी है. राज्य के पुराने 22 एएनएम और छह जीएनएम ट्रेनिंग स्कूलों में एनएमसी के मानकों के आधार पर 274 पदों की स्वीकृति दी गयी है. इसमें शैक्षणिक और गैर शेक्षणिक पद शामिल हैं. कैबिनेट ने काराखाना निरीक्षक संवर्ग के विभिन्न कोटि के पूर्व से सृजित पदों के अतिरिक्त कारखाना निरीक्षक के चार पद और उप कारखाना निरीक्षक के चार पदों के सृजन की स्वीकृति दी. कैबिनेट ने बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यक्रम के तहत राजस्व मानचित्रों तथा खतियानों को चालू करने के लिए नियमित व संविदा वाले 15847 पदों की पहली अप्रैल 2024 से अवधि विस्तार करके 31 दिसंबर 2025 तक कर दिया गया है. कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव डाॅ एस सिद्धार्थ ने इसकी जानकारी दी.

ऑनलाइन न्यायिक आदेश

और नक्शा मिलेगा

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि कैबिनेट ने सभी पुराने न्यायिक आदेशों, नक्शों, भू-अभिलेखों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को स्कैन कर डिजिटल पटल पर संरक्षित किया जायेगा. अब ऐसे आदेशों को ऑनलाइन से महत्वपूर्ण दस्तावेज भी उपलब्ध कराया जायेगा. किसी भी प्रतिलिपि के स्टांप शुल्क के रूप में अभिलेखों के पृष्ठों के आकार के आधार पर प्रति पृष्ठ दर का निर्धारण किया जायेगा. डाटा सेंटर द्वारा निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन प्राप्त होने पर कागजातों के डिजिटल या स्कैन प्रति को डिजिटल हस्ताक्षर अंकित करने के दो दिनों के अंदर उपलब्ध करा दिया जायेगा.

15 साल पुराने सरकारी

वाहनों का निबंधन नहीं होगा

अपर मुख्य सचिव डाॅ एस सिद्धार्थ ने बताया कि राज्य सरकार के सभी विभागों, बोर्ड, निगम और अन्य कार्यालयों के स्वामित्व वाले 15 साल पुराने वाहनों का दोबारा निबंधन अब नहीं करने पर कैबिनेट ने मुहर लगायी है.

ऐसे 15 वर्ष पुराने सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग निबंधित यान स्क्रैपिंग सुविधा के माध्यम से किये जाने का प्रावधान किया गया है. ऐसे वाहनों की एमएसटीसी के उपलब्ध पोर्टल के माध्यम से इ-नीलामी करते हुए सभी पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग की जायेगी.

निर्मली अनुमंडलीय व्यवहार

न्यायालय में कोर्ट भवन व कैदी

हाजत की स्वीकृति

कैबिनेट ने सुपौल न्याय मंडल के तहत अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, निर्मली में 15 कोर्ट भवन(जी प्लास 4), 180 कैदी हाजत भवन (जी प्लस 1) और एमिनिटी भवन (जी प्लस 4) के निर्माण की स्वीकृति दी गयी. कैबिनेट ने इस पर खर्च होनेवाले 39 करोड़ 70 लाख की स्वीकृति दी. यह केंद्र प्रायोजित योजना है जिस पर केंद्र 60 % और राज्य सरकार की 40 %राशि खर्च होगी. कैबिनेट ने बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को बकाये भत्तों के भुगतान के लिए आकस्मिकता निधि से कुल 121 करोड़ 33 लाख की अग्रिम स्वीकृति दे दी.

औरंगाबाद डेडिकेटेड फ्रेट

कॉरिडोर के लिए मिली जमीन

कैबिनेट ने औरंगाबाद जिला के रफीगंज अंचल में 0.08165 एकड़ जमीन 77 लाख 83 हजार के भुगतान पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए रेल मंत्रालय को हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गयी.

बिहार नगरपालिका राजस्व एवं लेखा संवर्ग के तहत विभिन्न पद के लिए वेतन संरचना की स्वीकृति दी गयी. बिहार नगर कल्याण एवं निबंधन संवर्ग के विभिन्न पद सोपानों के लिए वेतन संरचना की स्वीकृति दी गयी. दरभंगा के बहादुरपुर में एसआइबी की क्षेत्रीय इकाई आइबी पोस्ट के निर्माण के लिए 10.9 डिसिमिल भूमि 96 लाख 46 हजार के भुगतान पर एसआइबी, भारत सरकार को हस्तांतरण की स्वीकृति दी गयी.

कैबिनेट

के अन्य

फैसले

कैबिनेट ने नवादा जिला के रजौली अंचल में 5.26 एकड़ जमीन महिला डिग्री महाविद्यालय,रजौली के भवन निर्माण के लिए शिक्षा विभाग को मुफ्त में अंतर्विभागीय हस्तांतरण की स्वीकृति दी. बिहार वित्त सेवा नियमावली में संशोधन कर वरीयता का निर्धारण योगदान की जगह पर अब बिहार लोकसेवा आयोग द्वारा निर्धारित मेधा सूची के आधार पर किया जायेगा. कैबिनेट ने अप्रत्याशित संभावित आपदाओं से पीड़ित व प्रभावितों को राहत दने के लिए व केंद्रीय परियोजनाओं के लिए प्राप्त राशि में खर्च के लिए बिहार आकस्मिकता निधि को 350 करोड़ से बढ़ाकर 30 मार्च 2025 तक के लिए अस्थायी रूप से 10 हजार करोड़ करने की स्वीकृति दी गयी.कैबिनेट ने आरबीआइ के परामर्श पर कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड को प्रभावी बनाने के लिए संशोधित योजना की स्वीकृति दे दी है.

बाढ़ के मुंसिफ मजिस्ट्रेट बरखास्त : कैबिनेट ने आशुतोष कुमार 3, मुंसिफ सह न्यायिक दंडाधिकारी, प्रथम श्रेणी, बाढ़ पटना को गंभीर कदाचार के आरोप में सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी दी गयी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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