Bihar Cabinet: दरभंगा और पूर्णिया में बनेगा बस स्टैंड, नीतीश कैबिनेट ने दी मंजूरी

Bihar Cabinet: सीएम नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा पर निकलने से पहले मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग की. इसमें बिहार में विकास के कामों को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए.

Bihar Cabinet: सीएम नीतीश की अध्यक्षता में बिहार के विकास को लेकर मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई. इस बैठक में कुल 136 एजेंडों पर मुहर लगी. बिहार के उत्तरी जिलों में सीएम नीतीश कुमार की जो प्रगति यात्रा हुई थी, उस समय उन्होंने जिन योजनाओं की घोषणाएं की थीं. उस पर भी आज मुहर लगी. इसी में आज दरभंगा और पूर्णिया में बनेगा बस स्टैंड बनाने की भी मंजूरी दी गई. इन दोनों जिलों में बस स्टैंड बनाने की मांग बहुत दिनों से उठ रही थी.

किन-किन योजनाओं को मिली मंजूरी

सीएम नीतीश की कैबिनेट ने बैठक में प्रगति यात्रा से जुड़ी 20 हजार करोड़ की 82 योजनाओं को मंजूरी दी. इसमें सबसे अधिक पथ निर्माण विभाग के 41 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. कैबिनेट ने जल संसाधन विभाग के 12 प्रस्तावों को भी मंजूरी दी. इसके अलावा दरभंगा और पूर्णिया में बस स्टैंड बनाने को मंजूरी मिली. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मधेपुरा के सिंधेश्वर स्थान मंदिर के विकास पर 90 करोड़ 27 लाख रुपये और कुशेश्वर स्थान के विकास के लिए 44 करोड़ रुपए खर्च किये जाएंगे. इसके अलावा हरिहरनाथ मंदिर के विकास के लिए नीतीश कैबिनेट ने मंजूरी दी है. इस मंदिर को काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर विकसित किया जायेगा. यहां आने वाले दिनों में हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर भी बनाया जाएगा.

बिहार की तजा खबरों के लिए क्लिक करें

बिहार के युवाओं को खेल में आगे बढ़ाने के लिए खेल निदेशालय का गठन होगा. इसके अलावा महिला विश्व कप कबड्डी चैम्पियनशीप-2025 के आयोजन के लिए लगभग आठ करोड़ पच्चीस लाख रुपये खर्च किये जायेंगे. वहीं, प्रगति यात्रा के दौरान की गयी घोषणा को धरातल पर लाने के लिए समस्तीपुर के मुक्तापुर मोईन झील के झील-तट के विकास के लिए लगभग सैतीस करोड़ छियानबे लाख रूपये मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.

इसे भी पढ़ें: अररिया और खगड़िया में बनेगा मेडिकल कॉलेज, कैबिनेट ने दी मंजूरी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >