पटना के राजीव नगर में बनेगा सात मंजिला स्टेट डाटा सेंटर, एक साथ 150 कर्मी करने कॉल रिसीव, जानिए डायल 112 का रिस्पांस टाइम घटाने का पूरा प्लान

Dial 112 Response Time : बिहार में आपातकालीन सेवा डायल 112 को और अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी है. अब 3 से 4 किलोमीटर की परिधि में इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) तैनात की जाएंगी, जिससे घटनास्थल पर पहुंचने का समय घटेगा। ग्रामीण इलाकों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

Dial 112 Response Time : बिहार में आपातकालीन सेवा डायल 112 का रिस्पांस टाइम और कम करने की तैयारी है. योजना के तहत सूचना मिलने के बाद 112 की गाड़ी छह से आठ मिनट में घटनास्थल पर पहुंचे, इसके लिए इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल यानी ERV को तीन से चार किलोमीटर की परिधि में तैनात करने की तैयारी है. खासकर ग्रामीण इलाकों में मौजूदा व्यवस्था की वजह से पहुंचने में लगने वाले समय को कम करने पर जोर दिया जा रहा है.

ग्रामीण इलाकों में 15 मिनट तक लग रहा समय

वर्तमान में कई जिलों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में डायल 112 के वाहन छह से आठ किलोमीटर की परिधि में तैनात हैं. ऐसे में सूचना मिलने के बाद वाहन को घटनास्थल तक पहुंचने में करीब 15 मिनट तक का समय लग जाता है. वाहनों की दूरी कम करने के लिए इनकी संख्या बढ़ाने की जरूरत होगी.

1200 नये इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल का प्रस्ताव

रिस्पांस टाइम कम करने के लिए 1200 नये इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल खरीदने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया है. फिलहाल इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम यानी ERSS के पास कुल 1833 वाहन हैं. इनमें 1283 चार पहिया और 550 दो पहिया वाहन शामिल हैं. नये वाहनों की उपलब्धता के बाद इन्हें जरूरत के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया जा सकेगा.

शहरों में 10 मिनट से कम समय में पहुंच रही 112

ERSS की एसपी शीला ईरानी के अनुसार पटना समेत कई जिलों के शहरी क्षेत्रों में डायल 112 के वाहन 10 मिनट से कम समय में घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं. अब सेवा को और प्रभावी बनाने के लिए न्यूनतम समय में लोगों तक मदद पहुंचाने पर लगातार काम किया जा रहा है. इसके साथ सेवा की गुणवत्ता सुधारने और नयी तकनीक के इस्तेमाल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

राजीव नगर में बनेगा सात मंजिला स्टेट डाटा सेंटर

डायल 112 के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए पटना के राजीव नगर में 27 कट्ठा जमीन पर स्टेट डाटा सेंटर बनाया जायेगा. भू-तल सहित सात मंजिला इस भवन में डायल 112 से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं को विकसित किया जायेगा. वर्तमान में डायल 112 का कार्यालय राजवंशी नगर स्थित हनुमान मंदिर के पीछे संचालित हो रहा है.

नये भवन में 150 कर्मी एक साथ करेंगे कॉल रिसीव

मौजूदा कार्यालय में एक साथ करीब 90 कर्मी कॉल रिसीव करते हैं. नये स्टेट डाटा सेंटर में करीब 150 कर्मियों के एक साथ बैठकर कॉल रिसीव करने की व्यवस्था होगी. इसके अलावा आधुनिक तकनीक और आपातकालीन सेवा से जुड़ी अन्य जरूरी सुविधाओं को भी विकसित किया जायेगा.

कॉल आते ही स्क्रीन पर दिखने लगता है लोकेशन

डायल 112 पर कॉल आते ही कॉल करने वाले का लोकेशन कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देने लगता है. शिकायत सुनने के बाद संबंधित पुलिस पदाधिकारी को सूचना और लोकेशन भेजी जाती है. इसके बाद सबसे नजदीक मौजूद 112 वाहन को घटनास्थल की जानकारी भेजी जाती है.

वाहन और थाना प्रभारी के मोबाइल पर पहुंचता है लिंक

घटना की जानकारी का लिंक संबंधित 112 वाहन और थाना प्रभारी के मोबाइल या टैब पर पहुंचता है. इसके बाद टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना होती है. सामान्य मामलों का समाधान 112 की टीम मौके पर ही करती है. वहीं, गंभीर मामलों में संबंधित थाने को सूचना देकर पुलिस पदाधिकारी को मौके पर बुलाया जाता है.

लक्ष्य छह से आठ मिनट में पहुंचने का

डायल 112 की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए वाहनों की तैनाती का दायरा कम करने की योजना है. तीन से चार किलोमीटर की परिधि में ERV उपलब्ध होने पर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी रिस्पांस टाइम घटने की उम्मीद है. नये वाहनों की खरीद और आधुनिक डाटा सेंटर को इसी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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By साक्षी कुमारी

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