Bihar Anti-Trafficking Unit : विश्व एंटी ट्रैफिकिंग दिवस के अवसर पर पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले के महिला थाने में एंटी ट्रैफिकिंग यूनिट की स्थापना की जानी चाहिए. उन्होंने सीआईडी की कमजोर वर्ग इकाई को इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया.
दो अलग-अलग इकाइयों के गठन का प्रस्ताव
डीजीपी ने कहा कि प्रत्येक महिला थाने में कम से कम दो विशेष इकाइयां बनाई जानी चाहिए. पहली इकाई मानव तस्करी से जुड़े मामलों पर काम करेगी, जबकि दूसरी इकाई महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी संभालेगी. दोनों इकाइयों का नेतृत्व इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी करेंगे. वहीं महिला थाने की कमान डीएसपी रैंक के अधिकारी के पास होनी चाहिए.
तीन महीने तक नहीं मिले बच्चे का मामला होगा ट्रांसफर
डीजीपी ने निर्देश दिया कि यदि कोई गुमशुदा बच्चा तीन महीने तक बरामद नहीं होता है, तो उस मामले को एंटी ट्रैफिकिंग यूनिट को स्थानांतरित कर दिया जाए. उनका कहना था कि ऐसे मामलों में विशेष जांच से बच्चों की बरामदगी की संभावना बढ़ाई जा सकती है.
पांच वर्षों में बढ़े गुमशुदगी के मामले
डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2020 में सामान्य अपहरण के करीब 8 हजार मामले दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 24 हजार से अधिक हो गई. यानी पांच वर्षों में ऐसे मामलों में तीन से चार गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि गुमशुदा बच्चों की बरामदगी दर लगभग 70 प्रतिशत है, लेकिन मानव तस्करी के शिकार बच्चों और महिलाओं की रिकवरी दर अभी भी कम है, जो चिंता का विषय है.
वात्सल्य पोर्टल से जुड़े 1200 थाने
कार्यक्रम में एडीजी (कमजोर वर्ग) के.एस. अनुपम ने बताया कि राज्य के 1200 थानों को वात्सल्य पोर्टल से जोड़ दिया गया है. सभी थानों को निर्देश दिया गया है कि गुमशुदा बच्चों की जानकारी प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि खोज और बचाव अभियान तेज हो सके.
स्वतंत्रता दिवस परेड में दिखेगी 'अभ्या ब्रिगेड' की झांकी
एडीजी ने बताया कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस परेड में 'अभ्या ब्रिगेड' की झांकी भी शामिल की जाएगी. इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की पहल और जागरूकता अभियान को प्रदर्शित करना है.
बेहतर कार्य करने वाले जिलों और अधिकारियों को मिला सम्मान
मानव तस्करी रोकने के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए पटना जिले को प्रथम और सहरसा को द्वितीय स्थान का सम्मान दिया गया. वहीं नाबालिगों और महिलाओं की बरामदगी में किशनगंज पहले तथा सीतामढ़ी दूसरे स्थान पर रहा. इसके अलावा बगहा के न्यायिक पदाधिकारी मानवेंद्र कुमार मिश्रा, एसडीपीओ कुमार दयेंद्र और एपीपी जितेंद्र कुमार भारती को भी सम्मानित किया गया.
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