Bihar News: शराबी और शराब तस्करों के लिए काल बनीं बिहार की महिलाएं, बड़ी संख्या में दर्ज करा रहीं शिकायतें

Bihar News: बिहार में 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी कानून को समाज का समर्थन मिल रहा है. इसमें महिलाओं की भूमिका बेहद अहम रही है. अवैध शराब के खिलाफ महिलाएं टोल-फ्री नंबरों पर लगातार शिकायतें दर्ज करवा रही हैं. इससे प्रशासन को कार्रवाई में सफलता मिल रही है.

Bihar News: बिहार में 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी कानून को आम लोगों, खासकर महिलाओं का खूब सहयोग मिल रहा है. सीएम नीतीश कुमार ने इस कानून को महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और घरेलू हिंसा को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू करवाया था. समय गुजरने के साथ-साथ महिलाएं खुद इस अभियान की अगुवा बन चुकी हैं और अवैध शराब के खिलाफ खुलकर सामने आ रही हैं.

महिलाएं कर रही प्रशासन की मदद

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर 15545 और 18003456268 पर प्रतिदिन 200 से 300 शिकायत कॉल आ रहे हैं. इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं अपने पति, बेटे, भाई या अन्य परिजनों द्वारा शराब सेवन या तस्करी की शिकायतें दर्ज करवा रही हैं. विभागीय आंकड़ों के अनुसार 2025 के पहले छह महीनों में ही 1211 महिलाओं ने शराब से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराईं. जनवरी में सबसे अधिक 270 कॉल दर्ज किए गए और जून में 189 शिकायतें सामने आईं.

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इस साल किस महीने में कितने कॉल दर्ज किये गए

यह ट्रेंड पिछले कुछ वर्षों से लगातार बनी हुई है. 2022 से 2025 के बीच इन टोल-फ्री नंबरों पर 396305 शिकायतें दर्ज की गई हैं. 2022 में औसतन प्रतिदिन 331, 2023 में 337, 2024 में 308 और 2025 के पहले पांच महीनों में प्रतिदिन औसतन 200-300 कॉल प्राप्त हुए. इस साल जनवरी में 310, फरवरी में 319, मार्च में 279, अप्रैल में 200 और मई में लगभग 215 कॉल प्रतिदिन दर्ज किए गए.

महिलाओं की इस जागरूक भागीदारी से शराबबंदी को जमीन पर लागू कराने में काफी सफलता मिल रही है. विभाग द्वारा जारी टोल-फ्री नंबरों को खूब प्रचारित किया गया है. बिजली के खंभों पर भी ये नंबर लिखवाए गए हैं ताकि अधिक से अधिक लोग इसकी जानकारी पा सकें.

विभाग की ओर से गुप्त सूचनाओं के आधार पर निरंतर छापेमारी की जा रही है. पिछले तीन वर्षों में कुल 20000 से अधिक छापेमारी की गई हैं, जिनमें 14000 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई है. वर्ष 2025 में अब तक औसतन दो गिरफ्तारियां प्रतिदिन हो रही हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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