Bihar weather: बिहार में बाढ़ के बीच मौसम का मिजाज भी बदल रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने राज्य के आठ जिलों के कुछ हिस्सों में अगले एक से तीन घंटे के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा की चेतावनी जारी की है. इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है. बिहार के लिए आज के मौसम पूर्वानुमान में भी भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियों की चेतावनी दी गयी है.
इन 8 जिलों में तत्काल मौसम अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बेगूसराय, भागलपुर, गोपालगंज, कटिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सारण और वैशाली के कुछ हिस्सों में अगले एक से तीन घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका है.
भागलपुर के लिए IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में 6 सितंबर को गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी दर्ज है.
40 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है हवा
तत्काल चेतावनी के मुताबिक आंधी के दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. अचानक मौसम बदलने की स्थिति में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गयी है.
खासकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम के साथ नदी और जलस्तर की स्थिति पर भी नजर रखने की जरूरत है. राज्य में कई प्रमुख नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. सरकारी रियल टाइम आंकड़ों में 6 सितंबर की सुबह गंगा, पुनपुन, कोसी, बूढ़ी गंडक और अन्य नदियों के कई गेज स्टेशनों पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है.
वज्रपात के दौरान बरतें सावधानी
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए खराब मौसम के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूर रहने की सलाह दी गयी है. गरज-चमक शुरू होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर है.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तेज हवा और बारिश से पहले से प्रभावित सड़कों और आवागमन पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गयी है.
बिहार में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय
IMD के बिहार चेतावनी बुलेटिन के अनुसार 6 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. 7 और 8 सितंबर को भी राज्य में भारी बारिश तथा गरज-चमक की चेतावनी दी गयी है. 9 से 11 सितंबर के दौरान भी गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियों की संभावना बनी हुई है.
बाढ़ के बीच बारिश ने बढ़ायी चिंता
बिहार में पहले से ही गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर ऊंचा है. राज्य में राहत और बचाव के लिए NDRF-SDRF की टीमें तथा सरकारी नावें तैनात हैं. ऐसे में बारिश और तेज हवा की नई चेतावनी से बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की चुनौती बढ़ सकती है.
आम लोगों से अपील है कि मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें.
