Bihar News: बिहार में सब्जी किसानों को बेहतर बाजार दिलाने के लिए सहकारिता विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. इसके तहत Vegifed का गठन किया गया है. इस व्यवस्था के तहत किसानों की सब्जियां सीधे बाजार तक पहुंचाई जाएंगी. योजना को COMFED यानी सुधा डेयरी की तर्ज पर तैयार किया गया है. प्रखंड स्तर पर ‘तरकारी’ नाम से आउटलेट खोले जाएंगे, जहां किसानों की सब्जियां बेची जाएंगी.
राज्य में बनाए गए 9 यूनियन
वेजीफेड को सुचारु रूप से चलाने के लिए पूरे बिहार में 9 यूनियन बनाए गए हैं. समस्तीपुर जिला हरित यूनियन में शामिल किया गया है, जिसका मुख्यालय पटना में रहेगा. वहीं मिथिला यूनियन में दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले शामिल किए गए हैं. इन जिलों के किसानों को भी इस योजना से जोड़ा जा रहा है.
ताजपुर में तैयार हुआ कलेक्शन सेंटर
योजना को जमीन पर उतारने के लिए सहकारिता विभाग आधारभूत ढांचा तैयार कर रहा है. इसके तहत तीन स्तर पर व्यवस्था बनाई जा रही है.
- प्रखंड स्तर पर सब्जी कलेक्शन सेंटर
- प्याज भंडारण के लिए अलग व्यवस्था
- सब्जियों की बिक्री के लिए छोटे आउटलेट
समस्तीपुर जिले के ताजपुर में सब्जी कलेक्शन सेंटर बनकर तैयार हो चुका है. वहीं पटोरी, दलसिंहसराय, हसनपुर, बिथान और कल्याणपुर में निर्माण कार्य जारी है.
छोटे और मध्यम किसानों को होगा फायदा
इस योजना से सबसे ज्यादा लाभ छोटे और मध्यम किसानों को मिलने की उम्मीद है. किसानों को समिति के माध्यम से बीज उपलब्ध कराया जाएगा. बीज लेने के लिए किसानों को केवल 25 प्रतिशत राशि अग्रिम देनी होगी. बाकी पैसा फसल तैयार होने के बाद देना होगा और इस पर कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा. किसान अपनी सब्जियां कलेक्शन सेंटर पर बेच सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी.
तीन फसलों से होगी शुरुआत
फिलहाल विभाग ने ओल, मिर्च और प्याज की खेती को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने की तैयारी की है. आगे चलकर अन्य सब्जियों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा.
मिथिला यूनियन में 73 प्रखंड शामिल
मिथिला यूनियन के तहत दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिलों के कुल 73 प्रखंड शामिल किए गए हैं. इन क्षेत्रों में भी आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है और अभी 16 जगहों पर निर्माण कार्य चल रहा है.
जल्द शुरू होंगे ‘तरकारी’ आउटलेट
मिथिला यूनियन के सीईओ अरुण कुमार ने बताया कि सहकारिता विभाग ने कामफेड की तर्ज पर वेजीफेड की शुरुआत की है. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी यूनियन में ढांचा तैयार किया जा रहा है. प्रखंड स्तर के सब्जी उत्पादक संघ के माध्यम से इसे चलाया जाएगा और जल्द ही ‘तरकारी’ आउटलेट शुरू किए जाएंगे.
