Bihar Driving License: बिहार में यातायात नियमों की अनदेखी करना अब वाहन चालकों को भारी पड़ने वाला है. हेलमेट नहीं पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, वाहन के कागजात अपडेट नहीं रखना और बार-बार नियम तोड़ना सीधे ड्राइविंग लाइसेंस पर कार्रवाई की वजह बन रहा है. राज्यभर में हजारों वाहन मालिकों के ड्राइविंग लाइसेंस पर निलंबन का खतरा मंडरा रहा है और कई के लाइसेंस रद्द भी किए जा चुके हैं.
4 हजार 514 ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड
परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ाते हुए यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. प्रदेश में कुल 52 हजार 678 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया चल रही है. अब तक 4 हजार 514 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं. वहीं, 165 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं.
अधिकारियों के मुताबिक, अधिकतर मामले ऐसे वाहन चालकों के हैं, जिन्होंने एक ही नियम को बार-बार तोड़ा है. खासकर हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीड और कागजात की लापरवाही करने वाले लोग इस कार्रवाई की जद में आए हैं.
मुजफ्फरपुर में 6 हजार से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस होंगे सस्पेंड!
मुजफ्फरपुर जिले में 6 हजार 143 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. यहां अब तक 872 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 30 लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं. वहीं, भागलपुर में 9 हजार 766 लाइसेंस निलंबन की सूची में शामिल हैं.
पटना जिले में होगी सबसे ज्यादा कार्रवाई
सबसे ज्यादा कार्रवाई पटना जिले में होने जा रही है. राजधानी पटना में यातायात नियमों का सबसे अधिक उल्लंघन सामने आया है. यहां 34 हजार 561 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे. इसके उलट लखीसराय में सबसे कम मामले सामने आए हैं, जहां सिर्फ दो लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई प्रस्तावित है.
एमवीआई ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर क्या बताया?
एमवीआई राकेश रंजन ने बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर उनकी अनुशंसा के बाद ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित किया जाता है. निलंबन अवधि के दौरान वाहन चलाने पर 5 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. अगर निलंबन के दौरान भी नियमों का उल्लंघन किया गया, तो ड्राइविंग लाइसेंस को पूरी तरह रद्द कर दिया जाता है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर निलंबन अवधि में चालक वाहन नहीं चलाता और कोई नियम नहीं तोड़ता है, तो तीन महीने बाद निलंबन स्वतः समाप्त हो जाता है. परिवहन विभाग का कहना है कि इस सख्ती का मकसद लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क हादसों को कम करना है.
