Bihar Tender Scam: (पटना से मनोज कुमार की रिपोर्ट) बिहार के चर्चित रिशु श्री टेंडर मामले में राज्य सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है. वित्त विभाग के तत्कालीन संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है. उन्हें 10 जून को स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) ने गिरफ्तार किया था. अब इस मामले में एसवीयू ने मुमुक्षु चौधरी समेत सात आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है.
टेंडर दिलाने के बदले रिश्वत लेने का आरोप
एसवीयू की चार्जशीट के अनुसार, मुमुक्षु चौधरी पर सरकारी टेंडर दिलाने के बदले रिश्वत लेने का आरोप है. जांच एजेंसी का दावा है कि उन्होंने सीतामढ़ी और सहरसा नगर निगम में नगर आयुक्त के पद पर रहते हुए ठेकेदार रिशु श्री को शहरी विकास परियोजनाओं से जुड़े करीब 10 करोड़ रुपये के सरकारी टेंडर दिलाने में भूमिका निभाई.
जांच में यह भी सामने आया है कि रिशु श्री ने अपने सहयोगी संतोष कुमार और अन्य लोगों की मदद से टेंडर अपने पक्ष में करवाया. आरोप है कि इसके बदले मुमुक्षु चौधरी को रिश्वत दी गई थी.
ईडी की छापेमारी में मिले थे करोड़ों रुपये
इस मामले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मुमुक्षु चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी की थी. जांच एजेंसी के अनुसार, तलाशी के दौरान उनके आवास से करीब दो करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे. इसके बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया था.
बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
जांच में तेजी, आगे भी हो सकती है कार्रवाई
अब एसवीयू की ओर से चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया और तेज हो गई है. जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही हैं. माना जा रहा है कि अदालत में सुनवाई के दौरान इस मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं.
