स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में करियर बनाने वालों के लिए खुशखबरी, बिहार खेल विश्वविद्यालय में अब इतने साल तक के कैंडिडेट ले सकेंगे एडमिशन

Bihar Sports University: स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. बिहार खेल विश्वविद्यालय ने PGDSM कोर्स में दाखिले की अधिकतम आयु सीमा 40 से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी है. साथ ही, अब यह कोर्स हाइब्रिड मोड में संचालित होगा.

Bihar Sports University: बिहार खेल विश्वविद्यालय ने सत्र 2026-27 की नामांकन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. विश्वविद्यालय ने पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट (PGDSM) कोर्स में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी है. इस फैसले से नौकरीपेशा और अनुभवी अभ्यर्थियों को बड़ा लाभ मिलेगा.

हाइब्रिड मोड में होगी पढ़ाई

विश्वविद्यालय की ओर से जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार, PGDSM कोर्स अब हाइब्रिड मोड में संचालित किया जाएगा. यानी छात्र ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई कर सकेंगे. इससे दूर-दराज के अभ्यर्थियों और कामकाजी पेशेवरों के लिए कोर्स करना आसान हो जाएगा.

नौकरीपेशा अभ्यर्थियों को मिलेगा मौका

सरकारी विभागों, अर्द्धसरकारी संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSU), स्वायत्त निकायों और निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी भी इस कोर्स में दाखिला ले सकेंगे. हालांकि, नामांकन के लिए संबंधित संस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देना अनिवार्य होगा.

वीकेंड और छुट्टियों में भी चलेंगी कक्षाएं

कामकाजी पेशेवरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने सप्ताहांत और राजपत्रित अवकाश के दिनों में भी कक्षाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है. इससे नौकरी के साथ पढ़ाई करना और आसान होगा.

हॉस्टल सुविधा नहीं लेने पर नहीं देना होगा शुल्क

विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर BPES, PGDSC और PGDSM कोर्स बिना हॉस्टल सुविधा के भी संचालित किए जा सकते हैं. ऐसे मामलों में छात्रों से हॉस्टल और मेस शुल्क नहीं लिया जाएगा.

आवेदन की अंतिम तिथि 20 मई

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 20 मई 2026 निर्धारित की गई है. विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो अभ्यर्थी पहले ही आवेदन कर चुके हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है.

खेल शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ेंगे अवसर

विश्वविद्यालय के इस फैसले को खेल प्रबंधन और खेल शिक्षा के क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. उम्र सीमा में वृद्धि और हाइब्रिड शिक्षा व्यवस्था से बड़ी संख्या में पेशेवर अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है.

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By Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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