Bihar News: बिहार अब देश का अगला बड़ा टेक्नोलॉजी हब बनने की राह पर है. दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े एआई (AI) इवेंट में बिहार सरकार ने बाजी मार ली है. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह की मौजूदगी में राज्य के लिए 468 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है.
आईआईटी पटना बनेगा इनोवेशन का केंद्र
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खबर यह है कि आईआईटी पटना में 250 करोड़ रुपये की लागत से एक शानदार रिसर्च पार्क बनाया जाएगा. इसके अलावा, 60 करोड़ रुपये खर्च करके बिहार एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की स्थापना की जाएगी. इसमें टाइगर एनालिटिक्स जैसी बड़ी कंपनियां और आईआईटी पटना मिलकर काम करेंगे.
नौकरियों की लगेगी झड़ी
सरकार का लक्ष्य है कि इस निवेश के जरिए राज्य में 10 हजार से ज्यादा डायरेक्ट नौकरियां पैदा की जाएं. 50 हजार युवाओं को ऐसी स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी जिससे वे दुनिया की किसी भी बड़ी टेक कंपनी में काम कर सकें. उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि राज्य की नई सेमीकंडक्टर और जीसीसी (GCC) नीतियों की वजह से रेड साइबर और सीआईपीएल जैसी कंपनियां बिहार में निवेश करने के लिए आगे आई हैं.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
ग्लोबल मंच पर बिहार का पवेलियन
समिट में बिहार का अपना एक विशेष पवेलियन बनाया गया है, जहां 135 देशों के प्रतिनिधि राज्य की प्रगति देख रहे हैं. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के अनुसार, यह निवेश बिहार की अर्थव्यवस्था को बदलने वाला साबित होगा. अब बिहार के टैलेंटेड युवाओं को नौकरी के लिए बेंगलुरु या हैदराबाद भागने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि उनके अपने राज्य में ही विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध होंगे.
इसे भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर में एटीएम फ्रॉड गिरोह ने पुलिस टीम पर बरसाईं गोलियां, पूरे शहर में नाकेबंदी
