Bihar News: बिहार में राजस्व सेवाओं में आ रही बाधाओं को लेकर सरकार अब सख्त रुख में नजर आ रही है. उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कर दिया है कि आम जनता को सेवाओं से वंचित करने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक को बिना किसी रुकावट के आर्थिक न्याय देना है. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि राजस्व प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना अनिवार्य है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
हड़ताल को बताया गया अवैध
राजस्व विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर कर्मचारियों की हड़ताल पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों से चल रहा सामूहिक अवकाश पहले ही अवैध घोषित किया जा चुका है. पत्र में जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए व्यवस्था को तुरंत बहाल करें.
‘इज ऑफ लिविंग’ और आर्थिक न्याय पर फोकस
सरकार ने ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘इज ऑफ लिविंग’ को प्राथमिकता दी है. प्रधान सचिव ने बताया कि आर्थिक न्याय संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 38 और 39 में निहित है. उन्होंने कहा कि राजस्व कर्मियों की जिम्मेदारी केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना भी है.
दलालों और मुंशियों पर लगेगी रोक
प्रेस विज्ञप्ति में जमीन स्तर पर बढ़ते भ्रष्टाचार पर भी चिंता जताई गई है. कहा गया है कि कर्मचारियों की अनुपस्थिति में दलाल और मुंशी एक्टिव हो जाते हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है. सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के 4.5 करोड़ जमाबंदीधारकों को बिना किसी रिश्वत और बिचौलियों के सीधे और पारदर्शी तरीके से सेवाएं मिलें.
जनता से सीधा संवाद, अभियान जारी
प्रशासनिक सुधार को तेज करने के लिए उपमुख्यमंत्री की ओर से ‘भूमि सुधार जन कल्याण संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इस अभियान के जरिए विजय सिन्हा सीधे जनता की समस्याएं सुनकर समाधान की कोशिश कर रहे हैं.
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