सम्राट सरकार का भ्रष्टाचार और लापरवाही पर वार, 10 और राजस्व अधिकारियों पर गिरी गाज

Bihar Revenue Department Action: बिहार सरकार ने राजस्व विभाग में लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर 10 और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है. एक अधिकारी की बर्खास्तगी की अनुशंसा की गई है, जबकि कई अन्य को चेतावनी, फटकार और विभागीय जांच का सामना करना पड़ेगा. अब तक 42 अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है.

Bihar Revenue Department Action: बिहार सरकार ने राजस्व विभाग में लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर सख्त कदम उठाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 10 और अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई की है. इस कार्रवाई को राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने मंजूरी दी है.

एक अधिकारी को सेवा से हटाने की अनुशंसा

समस्तीपुर में प्रभारी सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के पद पर तैनात रहीं अंजलि कुमारी आनंद के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है. विभाग ने उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की है. विभाग का कहना है कि वह जुलाई 2021 से बिना अनुमति के लगातार अनुपस्थित थीं. इसके साथ ही उन्होंने विभागीय जांच और कार्यवाही में भी सहयोग नहीं किया.

कई अधिकारियों पर अलग-अलग कार्रवाई

सरकार ने छपरा सदर की अंचलाधिकारी कुमारी आंचल, बोधगया के पूर्व अंचलाधिकारी अविनाश कुमार, अस्थावां के अंचलाधिकारी रविंद्र कुमार चौपाल, पश्चिम चंपारण के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राकेश कुमार, मोकामा के पूर्व अंचलाधिकारी ज्ञानींद्र, मधेपुर की अंचलाधिकारी कौशिका कुमारी, हथुआ के अंचलाधिकारी नारायण रजा, गया सदर के राजस्व पदाधिकारी राम कुमार सुमन और गयाजी के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी संजीव कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की है.

किस अधिकारी पर क्या कार्रवाई हुई

  • विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार कुमारी आंचल, रविंद्र कुमार चौपाल और राकेश कुमार को निंदन दंड यानी फटकार लगाई गई है.
  • पूर्व अंचलाधिकारी अविनाश कुमार का एक अप्रेजल रोक दिया गया है.
  • मधेपुर की अंचलाधिकारी कौशिका कुमारी को चेतावनी जारी की गई है.
  • ज्ञानींद्र, नारायण रजा और संजीव कुमार के खिलाफ आरोप-पत्र गठित किया गया है.
  • इसके अलावा राम कुमार सुमन के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्णय लिया गया है.

भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सरकार सख्त

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही, अनियमितता और कर्तव्यहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में अगर कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई

राजस्व विभाग इससे पहले भी कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है. विभाग के अनुसार हाल के दिनों में 32 अंचल अधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है.

हाल ही में राजस्व अधिकारी सोनी कुमारी को भी सेवा से बर्खास्त किया गया था. ताजा कार्रवाई के बाद अब तक कुल 42 अधिकारियों के खिलाफ सरकार कदम उठा चुकी है. विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसे मामलों की समीक्षा जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है.

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विभाग लगातार कर रहा निगरानी

राजस्व विभाग के मुताबिक दाखिल-खारिज, जमाबंदी, सरकारी जमीन की सुरक्षा, भू-हदबंदी, भू-अभिलेख और सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है.

इन मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है. जांच के दौरान जिन अधिकारियों की कार्यशैली में गड़बड़ी, लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आ रही है, उनके खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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