बिहार में 5वीं सीट के लिए फंसा पेंच, आखिरी 15 घंटे में खुलेगा राज, NDA विधायकों को वोटिंग से ठीक पहले मिलेगा टारगेट

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है. इससे पहले एनडीए अपने विधायकों के साथ गुप्त रणनीति बना रहा है. डिनर मीटिंग और बैठकों के जरिए विधायकों को वोटिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है.

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. सत्ताधारी एनडीए अपने विधायकों के साथ पूरी रणनीति बनाकर आगे बढ़ रहा है. बताया जा रहा है कि एनडीए अपने पत्ते अभी खोलना नहीं चाहता और मतदान से ठीक पहले ही विधायकों को बताया जाएगा कि किस उम्मीदवार को वोट देना है.

सम्राट चौधरी के आवास पर भोज में क्या हुआ

इसी सिलसिले में बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर एनडीए विधायकों की बैठक और रात्रि भोज रखा गया. इस बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा नहीं हुई. यहां विधायकों को सिर्फ मतदान की प्रक्रिया समझाई गई और सही तरीके से वोट कैसे करना है, इसकी ट्रेनिंग दी गई. यह जिम्मेदारी भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने निभाई. वे मधुबनी जिले की झंझारपुर सीट से विधायक हैं.

एनडीए के विधायक अगले दो दिनों में भी इसी तरह के कार्यक्रमों में शामिल होंगे. राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा 14 मार्च को विधायकों के लिए डिनर का आयोजन कर रहे हैं, जबकि जदयू के मंत्री विजय कुमार चौधरी 15 मार्च को बैठक और भोज की मेजबानी करेंगे. बताया जा रहा है कि इसी बैठक में मतदान से लगभग 15 घंटे पहले विधायकों को बताया जाएगा कि उन्हें किस उम्मीदवार को वोट देना है.

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उम्मीदवार के बारे में जानिये

इस चुनाव में एनडीए की ओर से जदयू प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, आरएलएम के नेता उपेंद्र कुशवाहा, जदयू के रामनाथ ठाकुर और भाजपा के शिवेश राम उम्मीदवार हैं. एनडीए के पास कुल 202 विधायकों का समर्थन है, जिससे गठबंधन आसानी से 4 सीटें जीत सकता है. लेकिन पांचवीं सीट के लिए उसे अभी भी कुछ और वोटों की जरूरत है.

दूसरी तरफ विपक्ष की ओर से राजद ने अमरेंद्र धारी सिंह उर्फ एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है. इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है. एनडीए पांचवीं सीट जीतने के लिए क्रॉस वोटिंग की संभावना भी तलाश रहा है. इसी वजह से भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा को पर्यवेक्षक बनाकर पटना भेजा है.

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कुछ छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों का समर्थन दोनों पक्षों के लिए अहम हो सकता है. ऐसे में अब सबकी नजर 16 मार्च को होने वाले मतदान पर टिकी है.

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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