Bihar Politics: जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर शनिवार को सहरसा पहुंचे, जहां उन्होंने ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ के तहत पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अहम बैठक की. उन्होंने बिहार की मौजूदा सरकार पर जमकर निशाना साधा और कई गंभीर आरोप लगाए.
प्रशांत किशोर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद जन सुराज के नेताओं ने पश्चिम चंपारण के गांधी भितिहरवा आश्रम में एक दिन का उपवास रखा था. उसी दौरान यह निर्णय लिया गया था कि बिहार में बनी नई सरकार को अपने वादों को पूरा करने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा.
घर-घर पहुंचेगा ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’
उन्होंने बताया कि अब जन सुराज के कार्यकर्ता ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ के तहत घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और सरकार की नीतियों के बारे में अपनी बात रखेंगे. उनका कहना था कि यह अभियान जनता को सच्चाई बताने के लिए चलाया जा रहा है.
बीजेपी पर गंभीर आरोप, नीतीश को बताया ‘मुखौटा’
प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान जनता को भ्रमित करने के लिए नीतीश कुमार को एक ‘मुखौटा’ के रूप में इस्तेमाल किया गया. उन्होंने दावा किया कि 202 विधायकों का समर्थन होने के बावजूद नीतीश कुमार को पद छोड़ना पड़ रहा है, जो उनकी लोकप्रियता नहीं बल्कि “खरीदा गया मैंडेट” का नतीजा है.
‘सरकार के पास नहीं है पैसा’
उन्होंने सरकार की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए. प्रशांत किशोर ने कहा कि आज हालत यह है कि सरकारी कर्मचारियों को समय पर सैलरी नहीं मिल रही है और ठेकेदारों का भुगतान अटका हुआ है. पंचायत स्तर पर विकास कार्य ठप पड़े हैं क्योंकि सरकार के पास पैसे की कमी है.
शराबबंदी हटाने की साजिश का आरोप
प्रशांत किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अब आर्थिक संकट से निपटने के लिए शराबबंदी हटाने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले तीन-चार महीनों में बिहार आर्थिक संकट की ओर बढ़ सकता है और इसी बहाने से शराबबंदी खत्म करने की कोशिश की जाएगी.
बिजली पर भी उठाए सवाल
उन्होंने सरकार की ‘फ्री बिजली’ योजना पर भी सवाल खड़े किए. उनका कहना था कि एक तरफ मुफ्त बिजली देने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली दरों में वृद्धि कर दी गई है, जिससे आम जनता पर बोझ बढ़ रहा है.
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