Bihar Politics: बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर हलचल तेज है. आज सुबह मंत्री विजय चौधरी, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने सीएम हाउस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. दूसरी तरफ पटना के डीएम त्यागराजन एसएम लोकभवन पहुंचे. लगभग 30 मिनट तक डीएम की राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात हुई.
एनडीए विधायकों के लिए फरमान जारी
इस बीच एनडीए के 202 विधायकों के लिए फरमान भी जारी कर दिया गया है. एनडीए विधायकों से कहा गया है कि 14 और 15 अप्रैल को वे पटना में ही रहें. चर्चा है कि बिहार में नई सरकार के गठन की संभावना को देखते हुए ही यह फरमान जारी किया है. ऐसे में 14 और 15 अप्रैल का दिन बिहार की सियासत के लिए बेहद खास माना जा रहा है. साथ ही शपथ ग्रहण की तैयारियां भी तेज हो गई हैं.
पीएम मोदी शपथ ग्रहण में हो सकते हैं शामिल
शपथ ग्रहण समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए पटना जिला प्रशासन तैयारी में जुटा है. डीएम त्यागराजन एसएम ने राज्यपाल से मुलाकात कर वीवीआईपी (VVIP) मूवमेंट, सुरक्षा घेरा, और पार्किंग व्यवस्था की पूरी जानकारी साझा की.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं. इसे देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर परिंदा भी पर नहीं मार सके, ऐसी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है. पुलिस और प्रशासन के बीच पल-पल का समन्वय बनाया जा रहा है ताकि समारोह बिना किसी रुकावट हो सके.
शिवराज सिंह चौहान को बनाया गया पर्यवेक्षक
नए सीएम की चर्चा के बीच भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है. अब वही बिहार में बीजेपी विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे.
शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह खुद को पार्टी का एक सामान्य कार्यकर्ता मानते हैं और पार्टी जो भी जिम्मेदारी देती है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाना उनका कर्तव्य है. उन्होंने कहा कि वह 14 अप्रैल को बिहार पहुंचेंगे और पार्टी की प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे.
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