Bihar Politics: बिहार के स्वास्थ्य विभाग की पोल नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने खोली. सोशल मीडिया अकाउंट एक्स के जरिए उन्होंने पोस्ट शेयर कर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर तंज भी कसा. तेजस्वी यादव ने लिखा, ‘अमंगल दोष से ग्रसित बिहार का स्वास्थ्य विभाग’.
आगे यह भी लिखा, ‘बिहार के अस्पतालों में कहीं डॉक्टर नहीं, कहीं रूई नहीं-रूई है तो सुई नहीं, कहीं दवा नहीं, कहीं बेड नहीं… और अब हालत यह है कि अस्पताल में मरीज के लिए व्हील चेयर तक उपलब्ध नहीं है. मजबूरी में मरीज को कभी साईकिल, कभी चारपाई, तो स्कूटर पर बैठाकर ले जाना पड़ रहा है.’
यह भी लिखा, ‘अमंगल सरकार में समूचे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट हो चुकी है. भाजपा-जदयू की सरकार बताए, जब अस्पताल में डॉक्टर नहीं, व्हील चेयर नहीं, दवा नहीं, इलाज की व्यवस्था नहीं, स्वास्थ्य कर्मी नहीं तो इसे अस्पताल कहा ही क्यों जाए?’
तेजस्वी ने कमीशन की कही बात
एक्स पोस्ट में तेजस्वी यादव ने यह भी जिक्र किया कि ‘ईंट-गारे का ढांचा खड़ा कर करने से और उसे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कहने से स्वास्थ्य सेवा, सुविधा और व्यवस्था सुदृढ़ नहीं होती है? ये बिल्डिंग इसलिए बनाते और बनवाये है कि इसमें मोटा कमीशन खाते है अन्यथा बिना चिकित्सकों, नर्सों, ड्रेसर, लैब टेक्निशियन इत्यादि की भर्ती के बिना अस्पतालों के इन भवनों में कबूतर ही रहेंगे.’ इस दौरान उन्होंने एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला.
17 महीने की गिनाई उपलब्धियां
एक्स पोस्ट में तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार की खामियां गिनाने के साथ-साथ खुद के 17 महीने के कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाई. तेजस्वी यादव ने लिखा, ‘स्वास्थ्य मंत्री रहते हमने 17 महीनों में स्वास्थ्य विभाग में जो सकारात्मक कार्य किए थे उन सभी को इन भ्रष्ट लोगों ने दरकिनार कर फिर दलालों और माफियाओं के हवाले बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को सौंप दिया.’
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